सेबी ने सुझाव देने की सीमा बढ़ाई


नई दिल्ली (New Delhi) . बाजार नियामक सेबी ने दो संस्थागत नियोजन को आपस में विलय करने के लिए संदर्भ नियमों में प्रस्तावित डील और सुझाव के लिए समय सीमा को बढ़ा दिया है.अब यह समय सीमा 30 अप्रैल कर दी गई है.

सेबी ने दोनों प्रस्ताव पर 15 अप्रैल तक सुझाव देने के लिए कहा था. सूचीबद्ध कंपनियों द्वारा दी जाने वाली ई वोटिंग सुविधा के प्रस्ताव के साथ प्रवर्तक इकाइयों को कर्ज या किसी प्रकार की गारंटी देने से पहले शेयरधारकों से मंजूरी लेने के प्रस्ताव पर सुझाव मांगे गए थे. नियामक ने एक रिपोर्ट में कहा है कि कोरोनावायरस की महामारी (Epidemic) के कारण समय सीमा को बढ़ाने की मांग की गई थी. जो सेबी ने स्वीकार करते हुए 30 अप्रैल तक के लिए कर दी है.

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प्रस्ताव के तहत शेयर धारक कंपनी ई वोटिंग लिंक करके निवेशकों की राय जान सकेगी.इसके सत्यापन की जरूरत नहीं होगी. डीमेट खाता धारकों को भी ईएसपी पोर्टल के जरिए वोट देने का प्रस्ताव है. शेयरधारकों को पोर्टल पर अपना पंजीयन कराना आवश्यक होगा. यूजर आईडी और पासवर्ड को भी सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी निवेशक पर डाली गई थी.

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