Wednesday , 28 October 2020

राजस्थान आईटी आधारित सुशासन में देश का प्रथम राज्य बने : सीएम


जयपुर (jaipur) . मुख्यमंत्री (Chief Minister) अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने मुख्यमंत्री (Chief Minister) निवास से वीडियो कॉन्फे्रंस के माध्यम से ढाई घण्टे तक चली बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए हैं कि राजस्थान (Rajasthan) लोक सेवा के प्रदान की गारंटी अधिनियम-2011 और राजस्थान (Rajasthan) सुनवाई का अधिकार अधिनियम-2012 के तहत विभिन्न विभागों की 221 नागरिक सेवाओं को 30 मार्च, 2021 तक ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने इसके लिए मुख्य सचिव को इसके लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर गुड गवर्नेंस के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को गति देने के निर्देश दिए.

उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी विभागों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं तथा पूरी गंभीरता से निर्धारित तिथि तक आमजन से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता सुनिश्चित करें. मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने कहा कि सुशासन और पारदर्शिता लाने में सूचना प्रौद्योगिकी का बहुत महत्व है.

सरकार चाहती है कि राजस्थान (Rajasthan) आईटी आधारित सुशासन में देश का प्रथम राज्य बने. हमें सभी सरकारी सेवाओं का लाभ तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी गांव-ढ़ाणी तक त्वरित गति से पहुंचाने में सूचना तकनीक का उपयोग बढ़ाना होगा. गहलोत ने कहा कि राजस्थान (Rajasthan) में आम लोगों को राजकीय सेवाओं की डिलिवरी के लिए 80 हजार ई-मित्र केन्द्रों तथा राजीव गांधी सेवा केन्द्रों के रूप में पंचायत स्तर तक एक वृहद नेटवर्क उपलब्ध है. सभी विभागों को इसका अधिक से अधिक इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि आम लोगों को इसका सीधा फायदा मिल सके और उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ें.

मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने कहा कि कोविड-19 (Covid-19) महामारी (Epidemic) के इस चुनौतीपूर्ण समय में विभाग ने सराहनीय कार्य किया है. क्वारेनटाइन सुविधाओं के प्रबंधन, प्रवासी मजदूरों के आवागमन, दूर-दराज के क्षेत्रों तक वीडियो कॉन्फं्रेस की सुविधा तथा 24 घण्टे वॉर रूम के संचालन जैसे कार्यों में विभाग ने अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर मुस्तैदी से सेवाएं दी.गहलोत ने विभाग द्वारा विभिन्न राजकीय सेवाओं की ऑनलाइन डिलिवरी के लिए सॉफ्टवेयर, पोर्टल तथा ऐप सहित अन्य आईटी आधारित मॉड्यूल्स तैयार करने का काम आउटसोर्स करने के स्थान पर अपने ही विभाग के दक्ष एवं कुशल कार्मिकों से करवाने पर जोर दिया.

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