रेल मंत्री पीयूष गोयल की अपील, गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग नहीं करे श्रमिक ट्रेनों से यात्रा


नई दिल्ली (New Delhi) . कोरोना महामारी (Epidemic) के बीच प्रवासी मजदूरों को घर वापस पहुंचाने के लिए श्रमिक ट्रेनों का संचालन हो रहा है. इस बीच सफर के दौरान बीते दिनों श्रमिक ट्रेनों में मजदूरों की मौत की खबर आई है. जो किसी बीमारी, भूख या पानी की कमी के कारण हुई है. इस लेकर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने लोगों से अपील की है कि जिन लोगों को गंभीर बीमारी है, वहां ट्रेन में तभी सफर करें जब काफी जरूरी हो.

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शुक्रवार (Friday) सुबह पीयूष गोयल की ओर से टवीट किया गया, मेरी सभी नागरिकों से अपील है कि गंभीर रोग से ग्रस्त, गर्भवती महिलाएं, व 65 से अधिक व 10 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में बहुत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें. रेल परिवार यात्रियों (Passengers) की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. रेल मंत्री की ओर से लिखा गया है कि गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने 17 मई को एक आदेश जारी किया था. जिसमें कहा गया था कि हाई ब्लडप्रेशर, मधुमेह, हार्ट से जुड़ी कोई दिक्कत, कैंसर सहित गंभीर बीमारी वाले लोग, गर्भवती महिलाएं, 65 की उम्र से अधिक वाले और 10 साल के कम बच्चे रेल यात्रा करने से बचें, अगर बहुत जरूरी हो तभी वो यात्रा करें.

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गौरतलब है कि श्रमिक ट्रेनों में पिछले कुछ दिनों में मौत के मामले सामने आए हैं. जिसमें मुजफ्फरपुर में हुई दो लोगों की मौत, दानापुर, सासाराम, गया, बेगूसराय और जहानाबाद में एक-एक मौत शामिल हैं. इसके अलावा कुछ श्रमिक ट्रेनें काफी लेट चल रही हैं या फिर अपने रास्ते से ही भटक गई हैं. बीते दिनों सूरत (Surat) से बिहार (Bihar)के लिए निकली एक ट्रेन नौ दिनों में पहुंची, इस दौरान मजदूरों को खाने-पीने की काफी दिक्कत आई. इस मामले को लेकर मानवाधिकार आयोग की ओर से नोटिस भी जारी किया गया है.

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