जरुरत के मुताबिक ही पीए पानी : जयादा पानी हो सकता है नुकसानदायक


लंदन . गीलांग स्थित डिएकिन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मेडिसिन में उप प्रमुख कैरेन ड्वेयर ने कहा कि आपको उतना ही पानी पीना चाहिए जितनी प्यास लगी हो. शरीर को पानी की कितनी जरूरत है, इसका अनुमान पेशाब का रंग देखकर आसानी से लगाया जा सकता है. पेशाब का गहरा रंग पानी की कमी दिखाता है, जबकि पानी जैसा साफ रंग बताता है कि आपके शरीर में पानी की कमी नहीं है.

जरूरत से ज्यादा पानी दिल के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकता है. इनसान की किडनी में पानी को गाढ़ा करने जबरदस्त क्षमता होती है. लिहाजा अगर हमारे शरीर में पानी की कमी होती है, तो पेशाब अपने आप गाढ़ा होने लगता है. इसके साथ ही दिमाग को संकेत जाता है कि शरीर में पानी की कमी हो रही और आपको पानी पीना चाहिए. यूनिवर्सिटी ऑफ मायामी स्कूल ऑफ मेडिसिन के अध्ययन में कहा गया कि जो महिलाएं अधिक पानी पीती हैं, उनमें यूटीआई संक्रमण की आशंका अन्य के मुकाबले कम होती है. वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी में गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट विभाग में सीनियर लेक्चरर और क्लीनिकल एकेडमिक विनसेंट हो का कहना है कि दिन भर में हम जो कुछ भी खाते हैं, उसमें भी पानी की कुछ मात्रा होती है.

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जब भी किसी को दो लीटर प्रतिदिन पानी पीने की सलाह दी जाती है, हम इस तथ्य को भूल जाते हैं. फूल गोभी और बैंगन में 92 फीसदी पानी होता है. स्वस्थ वयस्कों को पानी की जरूरत उतनी नहीं होती है. किसी बीमारी या बहुत गर्म जगहों पर रहने वाले लोगों को अधिक पानी की जरूरत होती है. कुछ समय पहले हुए एक अध्ययन में दावा किया गया था कि एक दिन में डेढ़ लीटर पानी पीने से पेशाब के रास्ते में होने वाले संक्रमण (यूटीआई) से बचा जा सकता है. यहां बता दें कि जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है. विशेषकर दिल के मरीजों के लिए यह नुकसानदेह भी हो सकता है, यह चेतावनी विशेषज्ञों ने दी है.

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