लॉकडाउन दौरान मास्क-सेनीटाईज़र की कालाबाजारी पर तीन मेडिकल स्टोर्स को किया सीज

उदयपुर (Udaipur). जिले में कोरोना महामारी (Epidemic) के कारण लॉकडाउन (Lockdown) हालातों में मेडिकल स्टोर्स द्वारा मास्क और सेनीटाईजर्स के अधिक दाम वसूलने की शिकायतांे पर कार्यवाही करने के लिए बुधवार (Wednesday) को जिला कलक्टर (District Collector) श्रीमती आनंदी के निर्देशों पर रसद विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने 3 मेडिकल स्टोर्स  पर छापामार कार्यवाही करते हुए जांच की तथा अनियमितता मिलने पर तीनों दुकानों को सीज कर दिया.

जिला रसद अधिकारी ज्योति ककवानी ने बताया कि मेडिकल स्टोर्स द्वारा मास्क व सेनीटाईजर्स की अधिक दाम वसूलने की प्राप्त शिकायतों पर एक दल का गठन किया गया जिसमें प्रवर्तन अधिकारी पिंकी भाटी, प्रवर्तन निरीक्षक विशेष मीणा व वरिष्ठ सहायक विचित्र सिंह को भेजा गया.

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इस दल ने सेटेलाईट हॉस्पीटल के सामने स्थित नाकोड़ा मेडिकल स्टोर पर जांच की जहां पर स्वयं दुकानदार ने अधिक दाम वसूलने की बात स्वीकार की. यहां पर जांच दल को कपड़े वाले मास्क मिले और इसे बीस रुपयों में बेचा जा रहा था. दुकानदार ने सेनीटाईजर खत्म हो जाने की बात कही. उसने दुकान पर मूल्य सूची प्रदर्शित करने के बारे में पूछा तो उसने इसकी जानकारी से अनभिज्ञता जताई. मौके पर दुकानदार बिल भी नहीं बता पाया. इन स्थितियों पर दल ने इस मेडिकल स्टोर को सीज़ कर दिया.

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सेक्टर चार में मुकेश मेडिकल स्टोर पहुंचे दल ने जांच की तो यहां पर 60 रुपये दाम पर  60 सेनीटाईजर की स्थानीय स्तर पर खरीद के बिल दिखाएं परंतु दुकानदार राजेश पोखरना एक भी सेनीटाईज़र (Hand sanitizer) की बिक्री का बिल प्रस्तुत नहीं कर सका. मौके पर न तो सेनीटाईज़र (Hand sanitizer) और न ही मास्क का स्टॉक मिला. यहां बिल बुक देखने पर दवाईयों की बिक्री के बिल तो मिले परंतु 60 सेनीटाईज़र (Hand sanitizer) में से एक का भी बिल नहीं मिला. इस पर दल ने अनियमितता पाने पर दुकान को सीज किया.

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इसी तरह सेक्टर चार में नेशनल मेडिकल स्टोर पर जांच दौरान मास्क व सेनीटाईज़र (Hand sanitizer) का स्टॉक ही गायब मिला. स्वयं दुकानदार अशोक कुमार ने स्वीकार किया कि टू व थ्री लेयर मास्क को उसने बीस रुपये में बेचा है. उसने बताया कि उसने मास्क 18 रुपये की दर पर 50 में खरीद कर 20 में बेचे जबकि जांच दल द्वारा खरीदी का बिल मांगे जाने पर दुकानदार बिल उपलब्ध नहीं करवा पाया. इसी प्रकार सेनीटाईजर की खरीद-बिक्री के संबंध में भी यहां पर संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर दुकान को सीज किया गया.

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