लॉकडाउन के दौरान जमकर बिक रही अवैध शराब


परासिया जबलपुर (Jabalpur) . लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान अवैध देशी एवं विदेशी शराब तस्करों के सामने प्रशासन जैसे नतमस्तक हो गया है. तमाम प्रयासो के उपरांत भी अवैध रूप से शराब की तस्करी एवं बिक्री अपने चरम पर है. एक ओर जहां पुलिस (Police) अपनी जान जोखिम में डाल कर दिन रात लॉकडाउन (Lockdown) को प्रभावी ढंग से लागू कराने हर संभव प्रयास कर रही है, वही शराब के अवैध कारोबार से भी निपटने की जिम्मेदारी भी पुलिस (Police) के कंधे पर है.

ज्ञात हो की क्षेत्र में आबकारी विभाग जैसे लापता है, शराब के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी तो दूर जिले के आबकारी विभाग की लचार कार्यप्रणाली इस अवैध कारोबार की सहायक प्रतीत हो रही. विभाग से ही प्राप्त जानकारी के अनुसार परासिया एवं चांदामेटा वृत क्षेत्र अंतर्गत विभाग द्वारा एक भी अंग्रेजी या देशी मदिरा का पाव भी नहीं पकड़ पाई है. वही महुआ कच्ची शराब एवं लाहन के 6 मामले पर कारवाई करना बात कर अपनी पीठ स्वयं थपथपाने में लगी है. आलम यह है कि क्षेत्र में विभाग की मिली भगत से शराब ठेकेदार एवं उनके कुछ गुर्गे लाखो की शराब पार कर चुके है. वही आबकारी विभाग शराब की दुकानों एवं गोदाम को सील करने के नाम पर भी केवल खानापूर्ति के अलावा कुछ नही कर रही है.

  पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन पर राहुल गांधी का तंज

यह ही नही आबकारी विभाग एक ओर जहां स्टाफ की कमी का बहाना बनाता नजर आता है, वही अघिकारियों का भी मुख्यालय पर नही होना अपने आप में एक बड़ा सवालिया निशान लगता है. आलम यह है ठेकेदारों द्वारा दुकानों की सील से छेड़छाड़ किया जा रहा है, विभाग ऐसे मामले में करवाई करने के बजाए पुन: दुकान एवं गोदाम को सील कर रहा है और सील के डैमेज होने के कई कारण स्वयं गिनवाते नजर आ रहा है. पुलिस (Police) द्वारा अगर कही शराब ठेकेदारों के पास से शराब की पेटियां पकड़ भी लिया जाता है तो कार्यवाही के दौरान ठेके में मौजूद मदिरा स्टॉक की जांच कर आनन फानन में तत्काल ठेकेदार एवं स्टॉक को क्लीन चिट देने में देर नहीं करता. दुकान एवं गोदाम को सील करने में भी विभाग ठेकेदार पर मेहरबान दिखाई देता है.

Please share this news