Thursday , 24 September 2020

न्यायालय में कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए आवश्यक न्यायिक कार्य वर्चुअल होगा

उदयपुर (Udaipur). भारत सरकार (Government) द्वारा अनलॉक 5 की जारी गाइडलाइन के बाद राजस्थान (Rajasthan) उच्च न्यायालय द्वारा रविवार (Sunday) देर रात  को जारी किए गए सर्कुलर के बाद सोमवार (Monday)   से उदयपुर (Udaipur) जिला एवं सत्र न्यायालय एवं इसके अधीनस्थ न्यायालयों मैं सभी आठ प्रकार के आवश्यक काम वर्चुअल रूप से संपादित किए जाएंगे ऑनलाइन किए जाने वाले कामों के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय ने बार एसोसिएशन के साथ बैठक कर कड़ाई से इसकी पालना करने की अपील की है. कोरोना संक्रमण के इस दौर में न्यायालय में आवश्यक कार्य ही करने का निर्णय लिया गया है. बार एसोसिएशन की आपातकालीन बैठक में सोमवार (Monday) को यह निर्णय लेकर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (judge) आर पी सोनी को अवगत करा दिया गया है.
बार एसोसिएशन उदयपुर (Udaipur) की हुई बैठक में  अध्यक्ष मनीष शर्मा, उपाध्यक्ष नीलांक्ष द्विवेदी, महासचिव चक्रवर्ती सिंह राव,  सचिव राजेश शर्मा,  वित्त सचिव पृथ्वीराज तेली एवं पुस्तकालय सचिव धीरज व्यास हरीश पालीवाल के साथ सभी सहव्रत सदस्यों ने यह निर्णय लिया है. अध्यक्ष मनीष शर्मा ने बताया कि सोमवार (Monday) से भारत सरकार (Government) द्वारा जारी  अनलॉक 5 की एडवाइजरी  के बाद से नियमित अदालतों केवल आवश्यक कार्य की सुनवाई होगी. जिला एवं सत्र न्यायालय एवं अधीनस्थ न्यायालय में आवश्यक  कार्यों के अलावा बाकी कार्य स्थगित रहेंगे. अध्यक्ष मनीष शर्मा ने बताया कि न्यायालय परिसर में पक्षकारों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए आवागमन एवं न्यायालय के मुख्य द्वार से प्रवेश पर नई व्यवस्था की जाएगी ताकि न्यायालय परिसर को स्वच्छ रखने के साथ कोरोना संक्रमण से मुक्त रखा जा सके. इसके अलावा जेपी हॉस्पिटल एवं बीएसएनएल कार्यालय के पास वाले गेट पूर्णतया बंद कर दिए जायेंगे.

यह होंगे काम

राजस्थान (Rajasthan) हाई कोर्ट के सर्कुलर के अनुसार जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में रिमांड, जमानत प्रार्थना पत्र, स्टे पीटेशन, नाबालिग बच्चियों एवं महिलाओं दुष्कर्म के मामले में आवश्यक 164 के बयान एवं मृत्यु कालीन कथन के 164 के बयान एक्सीडेंट के क्लेम एवं पुलिस (Police) द्वारा जप्त वाहन छुड़ाने के सहित आठ प्रकार के आवश्यक कार्य संपादित किए जाएंगे

बिना काम न्यायालय में ना आने कि की अपील

बार एसोसिएशन उदयपुर (Udaipur) ने अधिवक्ताओं एवं पक्षकारों से अपील की है कि सभी से आग्रह किया है कि अभी नियमित सुनवाई नहीं होगी, इसलिए अधिवक्ता एवं पक्षकार बिना काम के न्यायालय परिसर में अनावश्यक रूप से ना पधारे तथा सरकार (Government) की जारी एडवाइजरी का ही पालन कर घर पर ही रहे

मुख्य गेट पर होगी नियमित जांच

जिला एवं सत्र न्यायाधीश (judge) आरती सोनी ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं बार एसोसिएशन के साथ राजस्थान (Rajasthan) उच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशानुसार कोविड-19 (Covid-19) के संक्रमण के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण हेतु स्वस्थ एवं भयमुक्त कार्य करने के वातावरण के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय के मुख्य द्वार पर प्रतिदिन दो मेडिकल टीमें गठित कर आने जाने वालों की थर्मल स्क्रीनिंग से नियमित रूप से जांच की जाएगी जांच में स्वस्थ पाए जाने वाले को ही न्यायालय में प्रवेश दिया जाएगा

मॉनिटरिंग टीम का गठन

जिला सत्र न्यायालय ने न्यायालय के नियमित संचालन तक नोवल कोरोनावायरस के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (judge) प्रदीप कुमार वर्मा अध्यक्ष बार एसोसिएशन मनीष शर्मा जिला एवं सत्र न्यायालय के कोर्ट मेनेजर सुनील जैन और वाणिज्यिक न्यायालय के वरिष्ठ मुंशी मुंशी लाल गायरी एक मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया है.

पक्षकारों के ना आने कि की अपील

बार एसोसिएशन ने न्यायिक कार्य में सभी पक्षकारों से अपने अधिवक्ता के निर्देशानुसार ही न्यायालय परिसर में आने तथा अधिवक्ताओं से भी आवश्यकता के अनुसार ही पक्षकार को न्यायालय में बुलाने की अपील की है. बार एसोसिएशन ने अधिवक्ताओं से भी आग्रह किया है कि बिना कार्य के पक्षकारों को वह न्यायालय परिसर में ना बुलाए तथा सरकार (Government) की जारी एडवाइजरी का पालन करें.

अल्टरनेट दिन आएंगे न्यायालय के वेंडर

बार एसोसिएशन की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि न्यायालय में संचालित दो कैंटीन तथा फोटोकॉपी स्टॉप टाइपिस्ट आदि वेंडर को रोस्टर के अनुसार अल्टरनेट डे अपने व्यवसाय करने की अनुमति दी गई है यानी सप्ताह में गोटी सिस्टम के अनुसार इन्हें अपने व्यवसाय करने की अनुमति प्रदान की जाएगी.

केवल न्यायालय खुलेंगे, काम पूर्वव्रत होगा

अध्यक्ष मनीष शर्मा ने बताया है कि  इन न्यायालयों में नियमित रूप से सुनवाई बयान आदि कार्य नहीं होगा, बल्कि राजस्थान (Rajasthan) उच्च न्यायालय द्वारा पहले जारी निर्देशानुसार अत्यावश्यक  मामले, जमानतो के मामले एवं आवश्यक रूप से इसके कार्रवाई के साथ बड़े मामलों में जप्त वाहन छुड़ाने की ही कार्रवाईया होंगी.
Please share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *