मध्य रेल द्वारा 55 फ्रेट ट्रेनों से 1.262 लाख टन प्याज बांग्लादेश को निर्यात

कोविड-19 (Covid-19) के दौरान रेलवे (Railway)बना किसानों की आशा की किरण,  किसानों में खुशी की लहर

मुंबई (Mumbai) , . मध्य रेल ने मई, जून एवं 10 जुलाई तक 55 फ्रेट ट्रेनों के माध्यम से बांग्लादेश को एक लाख टन से अधिक प्याज का निर्यात किया है. यह रेलवे (Railway)के लिए एक उपलब्धि है क्योंकि इसने किसानों की आकांक्षाओं को और पड़ोसी देश बांग्लादेश की आवश्यकता को पूरा किया है. इस बात की जानकारी मध्य रेलवे (Railway)के जनसंपर्क विभाग ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी.

बताया गया है कि भारत के प्याज के प्रमुख केंद्र, नासिक- मनमाड- कोपरगाँव क्षेत्र से प्याज का यह निर्यात महाराष्ट्र (Maharashtra) के इस क्षेत्र के किसानों के लिए खुशियाँ लेकर आया है, जो कि किसानों, लोडरों, रेलवे (Railway)और बांग्लादेश सभी के लिए विन-विन का अवसर प्रदान कर रहा है. प्याज का निर्यात रेलवे (Railway)द्वारा बांग्लादेश आदि के लिए आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही के लिए भारत सरकार (Government) के विदेश मंत्रालय से प्राप्त अनुरोध के अनुसार शुरू किया गया है. भुसावल मंडल के नासिक, खेरवाडी, निपाड़, लासलगाँव और मनमाड स्टेशनों से और सोलापुर मंडल के कोपरगाँव व येवला स्टेशन से लेकर दर्शना, रोहनपुर, बिरोल और बेनापोल तक 1.262 लाख टन प्याज से भरे हुए 55 रेक को बांग्लादेश भेजा गया.

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सबसे पहली फ्रेट ट्रेन 6 मई 2020 को लासलगाँव से दर्शना बांग्लादेश के साथ शुरुआत हुई थी. अकेले मई के महीने में 27 फ्रेट ट्रेनों से निर्यात किया गया था, जून में 23 फ्रेट ट्रेन और जुलाई में अब तक 5 फ्रेट ट्रेन बांग्लादेश भेजे गए हैं. 55 फ्रेट ट्रेनों में 13 मनमाड से, 11 को निफाद से, 10 को येवले से, खेरवाडी से 8, नासिक से 7, लासलगांव से 5 और कोपरगाँव से 1 ट्रेन लोड की गई थी. मध्य रेल ने बांग्लादेश में प्याज के निर्यात के फलस्वरूप लोडर्स के साथ नियमित वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा बैठकें कीं. लोडरों को जिला प्रशासन के साथ समन्वय करके हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है. केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लोडिंग के दौरान अनिवार्य रूप से सोशल डिस्टेंसिंग के उपायों और स्वच्छता का पालन किया जा रहा है.

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प्याज की खेती करने वाले, चंदवाड़, नासिक के एक किसान प्रकाश बीकाजी सोनवणे बहुत उत्साहित एवं प्रसन्न थे और उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को प्याज के निर्यात और माल लदान ने अच्छा पैसा कमाने में मदद मिली और रेलवे (Railway)को वैगनों को लोड करने के लिए धन्यवाद दिया. धुगांव चंदवाड़ के एक अन्य किसान, संतोष हरिभाऊ जाधव,ने कहा “इस तरह संकटकाल में रेलवे (Railway)द्वारा वैगनों के प्रावधानों ने इस क्षेत्र के सभी किसानों को प्याज के निर्यात के लिए कुछ पैसे कमाने में सक्षम बनाया और इस कोविद समय के दौरान मदद करने के लिए रेलवे (Railway)को धन्यवाद दिया. माल ढुलाई के लिए प्रोत्साहन देने के लिए, मध्य रेल मुख्यालय ने प्रमुख माल ग्राहकों के लिए वर्चुअल बैठक आयोजित की गई. इसी तरह की बैठक मध्य रेल के विभिन्न मंडलों पर भी आयोजित की जा रही हैं.

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