बीसीसीआई को भारी पड़ा डेक्कन चार्जर्स को हटाना


मुम्बई . बीसीसीआई को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल (Indian Premier League)) से फ्रेंचाइजी डेक्कन चार्जर्स को हटाना महंगा पड़ा है. इसके लिए बीसीसीआई पर 4,800 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा है. बीसीसीआई को यह राशि हर्जाने के रुप में डेक्कन चार्जर्स को अदा करनी होगी. इस मामले के हल के लिए अदालत ने एक आर्बिट्रेटर नियुक्त किया था जिसने बीसीसीआई पर जुर्माना लगाया है. डेक्कन चार्जर्स का मालिकाना हक पहले डेक्कन क्रोनिकल्स होल्डिंग्स (डीसीएचएल) के पास था.

यह मामला 2012 का है. बोर्ड ने 14 सितंबर 2012 को चेन्नई (Chennai) में आईपीएल (Indian Premier League) गवर्निंग काउंसिल की आपातकालीन बैठक बुलाकर डेक्कन चार्जर्स की टीम को आईपीएल (Indian Premier League) से निकाल दिया गया डीसीएचएल ने इस इस फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में अर्जी दी. वहीं अदालत की ओर से नियुक्त आर्बिट्रेटर ने फ्रेंचाइज को बर्खास्त करने के फैसले को गैरकानूनी ठहराया है. बीसीसीआई ने 2008 में आईपीएल (Indian Premier League) टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट की रूपरेखा बनाई थी.

उस समय डीसीएचएल को डेक्कन चार्जर्स हैदराबाद के लिए सफल बोलीदाता घोषित किया गया था पर बाद में उसे अचानक बाहर कर दिया था. आर्बिट्रेटर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के साथ विवाद में डेक्कन क्रॉनिकल्स होल्डिंग्स लि. (डीसीएचएल)के पक्ष में फैसला देते हुये बीसीसीआई को डीसीएचएल को 4,800 करोड़ रुपये का भुगतान करने को कहा है.

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