एमपीयूएटी मे लॉकडाउन के समय सभी पाठ्यक्रम ऑनलाइन पूरे हुऐ

उदयपुर (Udaipur).  माननीय कुलपति एमपीयूएटी और एमएलएसयू, उदयपुर (Udaipur) डॉ. नरेंद्र सिंह राठौड़ ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, फैकल्टि और एम्प्लॉयी  के साथ सम्वाद कार्यक्रम मे रविवार (Sunday), 24 मई, 2020 को प्रातः 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक ऑनलाइन बातचीत की. जिसमे 279 प्रतिभागियों ने भाग लिया.
इस दौरान उन्होने वर्तमान शिक्षा की वर्तमान स्थिति और भावी रणनीति पर चर्चा की जिसमे ऑनलाइन शिक्षण, निगरानी और मूल्यांकन के साथ ही आध्यात्मिक व सकारात्मक सोच, नवाचार क्रिऐटिविटि के साथ ही विद्यार्थियों, फैकल्टि के अनेक प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं के उत्तर भी दिऐ. उन्होंने कहा कि आज हर व्यक्ति लॉकडाउन (Lockdown) की बात कर रहा है लेकिन सकारात्मक ढ़ंग से देखा जाए तो प्राकृतिक संसाधन आज भी वैसे ही उपलब्ध हैं, स्वास्थ्य, भोजन की आवश्यक वस्तुओं और रिश्तों की जरूरतों को बंद नहीं किया गया है.

लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान संक्रमण के साथ, हमें कई समस्याएं थीं लेकिन साथ ही साथ हमने नवाचार, दृष्टिकोण और रचनात्मकता के संदर्भ में कई चीजें सीखीं हैं. आज इंटरैक्शन की ज़रूरतें पूरी तरह से बदल गई हैं दुनिया में शिक्षा मे ऑनलाईन क्लासेस शिक्षण के लिए नया क्षेत्र है और इसलिए हमारे विश्वविद्यालय में भी प्रगति और अनुकूलन के लिए यह परिवर्तन आवश्यक है. हमें समय के अनुसार बदलना होगा, जीवन और प्रबंधन प्रणाली में सफलता के लिए सकारात्मकता, जुनून और पूर्णता महत्वपूर्ण हैं. हमें हमेशा कुछ नया सीखना चाहिए तथा जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ आगे बढ़ना होगा.

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विश्वविद्यालय में हर कोई जिम्मेदारी महसूस कर रहा है और तदनुसार इस सेमेस्टर के सभी पाठ्यक्रम ऑनलाइन पूरे हो गये हैं. लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान 100 से अधिक ई संकलन और ई मैन्युअल तैयार किऐ गऐ हैं, अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों को पूरा किया गया. 14 नई अनुसंधान परियोजनाएं भी प्रस्तुत की गईं और रबी परीक्षणों की फसल काटाई हो पूर्ण हो चुकी है. छात्रों के लिए प्रैक्टिकल सीखने के लिए थ्योरी क्लास की तुलना में ऑनलाइन क्लास की अलग-अलग विधा की आवश्यकता होती है, शिक्षकों और छात्रों के लिए कौशल आधारित प्रशिक्षण इस समय की आवश्यकता है और विश्वविद्यालय इस दिशा में भी काम कर रहा है.
विश्वविद्यालय इस संक्रमण काल मे नए प्रकार के ई-गवर्नेंस की तैयारी भी कर रहा हैय उन्होने छात्रों के बेहतर प्लेसमेंट की बात भी कही. उन्होने कहा कि वर्तमान सेट अप में बेहतर विकास और अंतरराष्ट्रीय विकास के संदर्भ में सुधार तरीके से किऐ जाने की आवश्यकता है. इस समय ईश्वर मे मजबूत विश्वास, मानसिक तैयारी, ध्यान और इच्छाशक्ति भविष्य में जीवन निर्वाह और अभिनव विकास का फैसला करेगी. प्रो राठौड ने बताया कि भारत मे अधिक आबादी को जनसांख्यिकीय लाभांश के रूप मे देखने की आवश्यकता है और इसका उपयोग हमे विकास के लिये करने की आवश्यकता है.

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सवाल और जवाबः माननीय कुलपति महोदय ने परीक्षाओं के आयोजन,  समूह बीमा, यात्रा / टैक्सी के मुद्दों आदि पर विभिन्न सवालों के जवाब दिए और सभी व्यक्तियों को समय पर कार्रवाई, परेशानी मुक्त दृष्टिकोण और कार्य प्रणाली में पारदर्शिता और सुधार प्रक्रिया में हर एक के शामिल होने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि परीक्षा के आयोजन की सम्भावनाओं, प्रक्रिया और मुद्दों पर विचार चल रहा है जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा. कॉलेजों में नए सत्र की शुरुआत और परीक्षओं की सूचना से विद्यार्थियों को समय पर सूचित किया जाएगा. कॉलेज खुलने पर छात्रावासों में स्वच्छता और सामाजिक दूरी के सभी उपाय अपनाए जाऐंगे. उन्हांने विद्यार्थियो से ऑनलाइन कक्षाओं का पुरा लाभ उठाने ऑनलाइन पाठ्य सामग्री व ई- पुस्तकों का उपयोग करें.

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उन्होने कॉलेज अध्यक्षों से भी एमओओसी और अन्य ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली को अपनाने और ऐसे ऑनलाइन ऐप और शिक्षण प्रणाली के विकास पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही. हमें आपातकालीन स्थिति को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए जैसे पेपर लैस यूनिवर्सिटी और ऑनलाइन कोचिंग आगामी जीवन की मांग होगी और हमे विवेकपूर्ण तरीके से संसाधनों का उपयोग करना चाहिए. मानसिक शांति के साथ-साथ हर स्थिति के लिए बेहतर तैयारी के साथ वर्तमान महामारी (Epidemic) के समय में बेहतर परिणाम प्राप्त किये जा सकते हैं. इस सम्वाद के  सफल आयोजन के लिऐ उन्होने पैनलिस्ट सीटीएंई डीन डॉ. अजय शर्मा, कम्प्यूटर विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. नवीन चौधरी, डॉ कल्पना जैन का हार्दिक धन्यवाद भी दिया.

महाराणा प्रताप जयंति पर पुष्पांजलि का आयोजन : एमपीयूएटी के छात्र (student) कल्याण अधिकारी डॉ. दीपक शर्मा ने बताया कि 25 मई को वीरशिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंति पर प्रशासकनिक भवन मे प्रातः 10.30 पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाऐगा.

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