चीन को चुनौती रक्षाबंधन के लिए बना रहे एक लाख राखियां


नई दिल्ली (New Delhi) . स्थानीय ग्राहकों में चीन से आयातित सामान के बहिष्कार की भावना बलवती होने का दावा करते हुए भाजपा सांसद (Member of parliament) शंकर लालवानी ने कहा कि वह रक्षाबंधन के त्योहार के मद्देनजर गैर सरकारी संगठनों से एक लाख स्वदेशी राखियां बनवा रहे हैं. लालवानी ने बताया, ‘भारत को आत्मनिर्भर बनाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद हम शहर के 22 गैर सरकारी संगठनों से जुड़ी महिलाओं की मदद से एक लाख स्वदेशी राखियां बनवा रहे हैं ताकि स्थानीय बाजार में चीन से आने वाली राखियों को चुनौती दी जा सके.

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उन्होंने कहा ‘अलग-अलग तरह के चीनी सामान के किफायती विकल्प तैयार करने में हालांकि स्वदेशी निर्माताओं को थोड़ा समय लगेगा. लेकिन स्थानीय ग्राहकों के मन में चीनी सामान के बहिष्कार की भावना मजबूत हो रही है.’ लालवानी ने बताया कि स्वदेशी राखियों को आम लोगों तक पहुंचाने के लिये शहर के अलग-अलग स्थानों पर बिक्री केंद्र खोले जायेंगे. इन राखियों को ऑनलाइन बेचने की भी योजना है. इस बिक्री से मिलने वाली रकम राखी बनाने वाले गैर सरकारी संगठनों को दी जायेगी. उन्होंने यह भी बताया कि गैर सरकारी संगठनों ने प्रधानमंत्री के सम्मान में विशेष राखी बनायी है. कुछ राखियां भारतीय सेना के उन 20 बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिये भी बनायी गयी हैं जो पिछले महीने लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से संघर्ष करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे. इस बार रक्षाबंधन का त्योहार तीन अगस्त को मनाया जायेगा.

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