कोरोना जांच क्षमता को एक लाख प्रतिदिन तक बढ़ाने की योजना: आईसीएमआर

नई दिल्ली (New Delhi) . भारत की शीर्ष स्वास्थ्य अनुसंधान निकाय ने कहा, हम कोविड-19 (Kovid-19) की जांच करने की क्षमता और अवसंरचना वाले कई सरकारी और निजी प्रयोगशालाओं, शोध संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों की पहचान कर उनके साथ चर्चा कर रहे हैं. देश में कोरोना के संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखकर आईसीएमआर ने कहा कि वह आने वाले दिनों में जांच क्षमता एक लाख प्रतिदिन तक बढ़ाने के साथ ही कई अन्य चिकित्सकीय उपायों की योजना बना रहा है. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कोविड-19 (Kovid-19) की जांच के लिए 200 से अधिक सरकारी और निजी प्रयोगशालाओं को अनुमति दे दी है. यह परीक्षण पीसीआर मशीनों के द्वारा होगा.

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आईसीएमआर मौजूदा प्रयोगशालाओं में 24 घंटे कार्यान्वयन का मॉडल, दस्तावेजीकरण सहित अन्य कार्यों के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार (Government) से बातचीत, कोविड-19 (Kovid-19) जांच में सुविधा के लिए पीसीआर मशीनों का प्रयोग और प्रयोगशाला में औपचारिकताएं कम करने जैसे उपायों पर काम कर रही है.

आईसीएमआर ने कहा, इससे भी बुरी स्थिति के लिए तैयार रहने के उद्देश्य से आईसीएमआर ने देशभर में संक्रमण के संदिग्ध मामलों की जांच के लिए आवश्यक प्रयोगशालाओं, मशीनों और जांच सामग्री की संख्या बढ़ाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं. इसमें से एक आगामी माह तक जांच क्षमता एक लाख प्रतिदिन बढ़ाना भी है. आईसीएमआर ने छह अप्रैल को शाम तीन बज कर 45 मिनट तक 96,264 नमूनों की जांच की है जिनमें से 3,718 नमूनों में संक्रमण की पुष्टि हुई है.

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