Monday , 28 September 2020

कैबिनेट मंत्री कमल रानी वरुण का निधन, कोविड-19 की थीं मरीज


लखनऊ (Lucknow)/कानपुर (Kanpur) . उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की तकनीकी शिक्षा मंत्री कमल रानी वरुण का रविवार (Sunday) को लखनऊ (Lucknow) स्थित संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में निधन हो गया. करीब 62 वर्षीय कैबिनेट मंत्री कोविड-19 (Covid-19) से संक्रमित थीं. कमल रानी उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की पहली मंत्री हैं जिनका कोविड-19 (Covid-19) संक्रमित होने के बाद निधन हुआ है. वह कानपुर (Kanpur) की घाटमपुर सीट से विधायक थी. पूर्व में वह दो बार सांसद (Member of parliament) भी रह चुकी थी. दोपहर में कानपुर (Kanpur) में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया.

एसजीपीजीआई की तरफ से जारी बयान के मुताबिक गत 18 जुलाई को बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत पर भर्ती करायी गयीं मंत्री कमल रानी कोविड-19 (Covid-19) से संक्रमित थीं. साथ ही उन्हें मधुमेह, हाइपरटेंशन और हाइपोथाइरॉडिज्म की भी समस्या था. एसजीपीजीआई में भर्ती होने के समय उन्हें निमोनिया भी था, लिहाजा उन्हें फौरन आईसीयू में भर्ती कराया गया था. बाद में मंत्री को अधिक आक्सीजन की जरूरत के मद्देनजर नॉन-इन्वेसिव वेंटिलेशन पर रखा गया था, मगर उनकी हालत ठीक नहीं हुई. एम्स के निदेशक प्रोफेसर रणदीप गुलेरिया और पीजीआईएमईआर चंडीगढ के प्रोफेसर रितेश अग्रवाल से भी विशेषज्ञ सलाह ली गयी. शनिवार (Saturday) को उन्हें मैकेनिकल वेंटीलेटर पर रखा गया मगर उनकी हालत बिगड़ती ही गयी और उनके कई अंगों ने काम बंद कर दिया, नतीजतन रविवार (Sunday) पूर्वाह्न साढ़े नौ बजे उनका निधन हो गया.

तकनीकी शिक्षा मंत्री गत 18 जुलाई को आई रिपोर्ट में कोरोना संक्रमित पाई गई थीं. पहले उन्हें श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद उन्हें संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में स्थानांतरित किया गया था. इस बीच, प्रदेश के मुख्यमंत्री (Chief Minister) योगी आदित्यनाथ ने मंत्री कमल रानी के निधन पर शोक व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री (Chief Minister) योगी ने अपने संदेश में कहा है कि कमल रानी बहुत अनुभवी और सक्षम नेता थीं. उन्होंने अपनी हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाया था. वह एक समर्पित जनप्रतिनिधि थी, जिन्होंने हमेशा समाज के दबे कुचले वर्गों के कल्याण के लिए काम किया.

गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि मंत्री के निधन के बाद मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने रविवार (Sunday) की अपनी अयोध्या यात्रा स्थगित कर दी है. इस बीच, उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने भी मंत्री कमल रानी वरुण के निधन पर दुख व्यक्त किया है. तीन मई 1958 को जन्मी कमल रानी 21 अगस्त 2019 को प्रदेश मंत्रिमंडल में हुए फेरबदल के दौरान मंत्री बनी थीं. वह योगी मंत्रिमंडल की दूसरी महिला सदस्य थीं. इससे पहले रीता बहुगुणा जोशी कैबिनेट मंत्री थीं लेकिन लोकसभा (Lok Sabha) के लिए चुने जाने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था. इस बीच, एक सरकारी बयान के मुताबिक मंत्री के निधन के शोक में राजधानी लखनऊ (Lucknow) में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा.

उधर कानपुर (Kanpur) के भैरोघाट श्मशान भूमि पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया. जिलाधिकारी डा. ब्रहमदेव राम तिवारी ने बताया कि दिवंगत मंत्री का शव भैरोघाट पहुंचते ही उन्हें गार्ड आफ आनर दिया गया. उन्होंने बताया कि दोपहर करीब दो बजे कमल रानी वरूण का पार्थिव शरीर लेकर एंबुलेंस (Ambulances) लेकर बर्रा-6 पहुंची. पार्थिव शरीर प्लास्टिक में लिपटा था. परिवार वालों ने दूर से ही उन्हें श्रद्धांजलि दी. इसके बाद उनका पार्थिक शरीर भैरोघाट ले जाया गया और पूरे राजकीय सम्मान के साथ विद्युत शवदाहगृह में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया. अंतिम संस्कार में भाजपा नेता, पुलिस (Police) और प्रशासन के अधिकारी, स्वास्थ्य टीम और परिवार वाले मौजूद थे. उन्होंने दिवंगत मंत्री को श्रद्धासुमन अर्पित किये.

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