महिलाओं से गर्भस्थ शिशु तक भी पहुंच सकता है कोरोना वारस


-कोरोना से ग्रस्त प्रेगनेंट महिलाओं पर रिसर्च के बाद वैज्ञानिक हैरान

रोम कोरोना से ग्रस्त 31 प्रेगनेंट महिलाओं पर रिसर्च के बाद वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना से ग्रस्त गर्भवती महिलाओं से यह वायरस उनके गर्भस्थ शिशु तक भी पहुंच सकता है. इन महिलाओं की डिलीवरी मार्च और अप्रैल में हुई थी. रिसर्च के मुताबिक अम्बिलिकल कॉर्ड के खून, प्लेसेंटा के कुछ सैंपलों में और एक मामले में तो ब्रेस्ट मिल्क में वायरस के संकेत पाए गए हैं.

इटली में हुए इस शोध के प्रमुख डॉ. क्लॉडियो फेनिजिया का कहना है कि अभी इस मामले में और रिसर्च किए जाने की जरूरत है. खासतौर पर उन महिलाओं पर जिन्हें प्रेग्नेंसी की शुरुआत में ही संक्रमण हुआ हो. इस महामारी (Epidemic) की शुरुआत में डॉक्टरों (Doctors) को ये समझ नहीं आ पा रहा था कि ये वायरस भ्रूण तक किस तरह पहुंच सकता है.

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चीन की पहले दी गई कई रिपोर्टों में ये बात कही गई है कि कोरोना भी एचआईवी, जीका और अन्य कुछ वायरसों की तरह ही भ्रूण को प्रभावित कर सकता है. इटली के उत्तरी क्षेत्र के तीन अस्पतालों से महिलाओं को इस अध्ययन में शामिल किया गया था. शोधकर्ताओं को अम्बिलिकल कॉर्ड के ब्लड और दूध में विशेष एंटी-कोरोनावायरस एंटीबॉडीज भी मिले. वहीं, एक मामले में अम्बिलिकल कॉर्ड के ब्लड और प्लेसेंटा में वायरस पाए जाने की वजह से जन्म से पहले ही एक शिशु के कोरोना से ग्रस्त होने के मजबूत प्रमाण पाए गए हैं.

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एक अन्य मामले में नवजात शिशु में कोरोना से लड़ने के एंटीबॉडीज पाए गए जो कि उसे प्लेसेंटा से नहीं मिले थे. इसका मतलब है कि शिशु को मां से वायरस नहीं मिला था और भ्रूण पर वायरस का सीधा हमला हुआ था. फेनिजया ने कहा कि इस महामारी (Epidemic) के दौर में प्रेगनेंट महिलाओं को सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखें. मास्क पहन कर रखें और हाथों को बार-बार धोते रहें.

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