उदयपुर भी बनेगा आत्म निर्भर : विद्यार्थियों के सपनों को साकार करेगा द रेडिएंट !

द रेडिएंट एकेडमी करेगा सपना साकार, उदयपुर (Udaipur) के स्टूडेंटस की आवाज बनेगा रेडिएंट

उदयपुर (Udaipur). शहर के जेईई और नीट, एनटीएसई, आईजेएसओ व अन्य ऑलम्पियाड की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए एक नया लेकिन अनुभवी अकादमिक कॉचिंग संस्थान द रेडिएंट एकेडमी के रूप में सामने आने जा रहा है. यह संस्थान नया इसलिए है क्योंकि इसका नाम नया है लेकिन इसे चलाने वाले और यहां पढ़ाने वाले सभी कोटा व अहमदाबाद (Ahmedabad) के प्रतिश्ठित संस्थानों के फेकल्टी और मैनेजमेंट मेम्बर्स हैं. रेडियंट का मुख्य उद्देश्य ‘बाय द टीचर्स फॉर द स्टुडेंट्स’ है. उदयपुर (Udaipur) और मेवाड़ संभाग के “भविष्य“ यानी विद्यार्थियों को “घर“ में ही जेईई (मेऩ व एडवांस), नीट (मेडिकल यूजी), एनसीआरटी, एनटीएसई, आइजेएसओ व ओलम्पियाड जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की श्रेष्ठमत तैयारी का अवसर मिल जाए, इसी सोच को साकार करने के उद्देश्य से द रेडिएंट एकेडमी की स्थापना की गई है.

संस्थान ने मेवाड़ और उदयपुर (Udaipur) के विद्यार्थियों को आत्म निर्भर बनाने और उन्हें उच्च मुकाम पर पहुंचाने का निर्णय किया है. इस काम को हाथ में लेने वाले भी गत 10 वर्शों से उदयपुर (Udaipur) के शिक्षा जगत से जुड़ वे श्रेष्ठ शिक्षक हैं, जिन्होंने आत्म निर्भरता के मूलमंत्र से ही विद्यार्थियों जैसे यष गुप्ता (केवीपीवाय रेंक-1), कुषल बबेल (जेईई रेंक-27), गुगल में कार्यरत पलक जैन (जेईई रेंक-28), कल्पित वीरवाल (360/360 अंक प्राप्त कर जेईई मेन – रेंक 1), सेम्संग (कोरिया) में कार्यरत क्रिति जोषी, माइक्रोसोफ्ट रिसर्च में कार्यरत सचिन गोयल, उज्जवल सोनी आदि विद्यार्थियों को सींचने और संवारने का काम किया है. द रेडिएंट एकेडमी का गठन ही शिक्षकों के द्वारा विद्यार्थियों के हित को साधने के लिए किया गया है. संस्थान में 7वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को उदयपुर (Udaipur) की वही श्रेष्ठ फेकल्टी पढ़ाएंगी, जिन्होंने अब तक राजस्थान में श्रेष्ठतम नेषनल टेलेन्ट सर्च एग्जाम रेंक-1 (कोमल गुप्ता), इन्टरनेशनल अर्थ सांइस ऑल्पियाड में सिल्वर मैडल (वैभव खतैड) जैसे परिणाम दिए हैं.

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इसलिए हुई रेडिएंट एकेडमी की स्थापना

द रेडिएंट एकेडमी में रेजोनेंस, उदयपुर (Udaipur) की मुख्य फेकेल्टीज के साथ अन्य शीर्ष शिक्षण संस्थानों के अच्छे शिक्षक भी साथ आए हैं. सबका सपना उदयपुर (Udaipur) और मेवाड़ के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना है, जिससे कि उनका भविष्य सुनहरा बन सके. रेजोनेंस संस्थान वित्तीय संघर्ष के चलते भारी बैंक (Bank) ऋणों से जूझ रहा है. बच्चों पर किसी का नकारात्मक प्रभाव न पडे और यहां के विद्यार्थियों के सुरक्षित भविष्य और उदयपुर (Udaipur)-मेवाड़ की साख को बचाने के लिए द रेडिएंट एकेडमी ने आकार लिया है.

फेकल्टी भी वही और भरोसा भी वही

वायसीसीपी और पीसीसीपी डिवीजन में उदयपुर (Udaipur) रेसोनेंस की सभी प्रमुख फेकल्टी अब द रेडिएंट एकेडमी में 11वीं-12वीं कक्षा में जेईई और नीट के लिये एएसपी (एडंवास स्कॉलर्स प्रोगाम) व 7वीं से 10वीं कक्षा में एनसीआरटी, एनटीएसई, आइजेएसओ व ओलम्पियाड जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये वायएसपी (यंग स्कॉलर्स प्रोगाम) में बच्चों को पढ़ाएंगी. जेईई के लिए गणित की फैकल्टी के रूप में नितिन सोहने (एनटीएस सर), दिलीप कुमार जैन (डीजेएन सर) और युगांशु जैन (वाईजेएस सर) होंगे. वहीं फिजिक्स की फैकल्टी में कमल पत्सारिया (केकेपी सर), अंकित कुमार (एटीपी सर) और कैलाश धाकड़ (केडीपीपी सर) होंगे. कैमिस्ट्री के लिए फैकल्टी जम्बू जैन (जेएमजे सर), सकारात्मक सोच ने उपेन्द्र एस. शेखावत (यूएसएस सर) व नन्दलाल सेपट (एनएलएस सर) को भी जोड़ लिया और वे इस पहल के महत्वपूर्ण हिस्सा है. वहीं नीट के लिए बायलॉजी फैकल्टी में डॉ. प्रियदर्शिनी पोरवाल (पीडीएल मेडम) और पलक शर्मा (पीएसए मेडम) को लिया गया है. इसी तरह से 7वीं से 10वीं कक्षा के लिए भी वे फेकेल्टी षुभम गालव सर, अनिल गौतम सर, लेखा जैन मेडम, रोहित मुन्दडा, नवीन कुमार जैन, मितेष व्यास व डा. किर्ती रेडिएंट के साथ है, जो किसी भी परिचय की मोहताज नहीं हैं. सपोर्टिंग स्टाफ टीम भी वैसी ही होगी.

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यूनिक पैटर्न पर काम करेगा द रेडिएंट

संस्थान ने अपने काम काज के तरीकों को नाम के अनुरुप ही पारदर्शी रखा है. इसमें कुछ भी छिपा नहीं होगा. जैसी सोच, वैसी नीति, इसलिए इस पैटर्न का नाम भी द रेडिएंट-वे होगा. इनमें टीचिंग, स्टडी मटेरियल, ऑनलाइन टेस्टिंग, ऑनलाइन क्लास रुम एंड मटेरियल डिस्ट्रीब्यूशन, मेंटरशिप प्रोग्राम, मॉर्निंग-इवनिंग क्लासेस और हॉस्टल फेसिलिटी जैसे महत्वपूर्ण पहलू जुड़े हैे.

फीस स्ट्रक्चर भी काफी पारदर्शी

रेजोनेंस में प्रवेश के दौरान जिस विद्यार्थी ने पूरी फीस को जमा करा दिया, उनसे रेडिएंट एकेडमी में कोई फीस नहीं ली जाएगी. जिसने फीस का कुछ हिस्सा रेजोनेंस में जमा करा दिया, उसे छोड़कर ही बाकी फीस रेडिएंट में जमा करानी होगी. नए विद्यार्थियों के लिए भी रेडिएंट ने काफी रियायतपूर्ण फीस रखी है, जिसकी सूचना जल्द जारी की जाएगी. रेडिएंट का गठन इसी विचार को लेकर किया गया है कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी धन के अभाव में शिक्षा से वंचित नहीं रहे. उसे रेडिएंट में बेहतर अवसर मिलेगा.

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अभिभावक शिक्षा के साथ नेक सोच को भी देखें

द रेडिएंट की परिकल्पना सकारात्मक सोच के साथ श्रेष्ठ परिणामों को प्राप्त करने के लिए की गई है. ऐसे में रेडिएंट के जिम्मेदारों का सामूहिक तौर पर अभिभावकों से यही विनम्र आग्रह है कि उसी श्रेष्ठ विकल्प को वे अपने बच्चों के लिए चुनें, जो माता-पिता की तरह ही बच्चों के हितों को साध रहा हो. द रेडिएंट एकेडमी अभिभावकों की ही संस्था है, जहां श्रेष्ठ मूल्य पहले है, लाभ सबसे अंत में.

लॉकडाउन (Lockdown) में डिजिटल क्लासेस

फिहहाल कोरोना काल में द रेडिएंट एकेडमी की फेकल्टी ऑनलाइन क्लासेस लेंगी, जो भी अन्य डिजिटल क्लासेस से काफी अलग और क्रिएटिव होंगी. विद्यार्थियों के लिए यह ऑनलाइन क्लासेस आसान और समझने योग्य हो, इसके लिए विशेष रुप से हर प्लेटफॉर्म को तैयार किया गया है. लोकडाउन खुलने के तुरन्त बाद क्लासरूम में पहले की तरह यथावत अध्ययन षुरु किया जाएगा यह जानकारी द रेडिएंट एकेडमी के प्रवक्ता डा. मोहित वाधवानी ने दी

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