JNU में दूने से भी अधिक हुई ट्यूशन फीस, चिकित्सा शुल्क नौ की जगह 1000 रुपए

विश्वविद्यालय प्रशासन के निर्णय पर छात्रों ने जताई नाराजगी

नई दिल्ली (New Delhi) . जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) प्रशासन ने 2020-21 शैक्षणिक वर्ष में नामांकित छात्रों के लिए ट्यूशन फीस को दूने से भी अधिक कर दिया है, जबकि चिकित्सा शुल्क को 9 रुपए से बढ़ाकर 1,000 रुपए कर दिया गया है. यह फीस साल में एक बार अदा करनी होती है. पिछले साल एमफिल और पीएचडी छात्रों के लिए फीस 295 रुपए प्रति सेमेस्टर थी, जबकि इस साल इसे बढ़ाकर 780 रुपए प्रति सेमेस्टर कर दिया गया है.

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इसी तरह, पोस्टग्रेजुएट और ग्रेजुएट छात्रों के लिए फीस 2019-20 में प्रति सेमेस्टर 283 रुपए से बढ़ाकर 2020-21 में प्रति सेमेस्टर 768 रुपए कर दिया गया है. मेडिकल फीस में बढ़ोतरी से पहले ही जेएनयू छात्रसंघ ने, हॉस्टल फीस में बढ़ोतरी को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय में केस दायर किया है. जेएनयू छात्रसंघ विश्वविद्यालय के भीतर और बाहर महीनों के विरोध प्रदर्शनों के बाद अदालत में गया, जिसके बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय को बैठकें आयोजित करने के लिए मजबूर होना पड़ा. जेएनयूएसयू के अध्यक्ष आइशी घोष ने कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता. हम इस मसले को फिर उठाएंगे. इसे रोकने के लिए हमें एकजुट होने की जरूरत है.

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