टिक टॉक भी करेगा चीन का बहिष्कार


नई दिल्ली (New Delhi) . भारत में प्रतिबंधित टिकटॉक ऐप अब चीन से नाता तोड़ना चाहता है. बाइटडांस लिमिटेड ने कहा कि यह अपने टिक टॉक कारोबार के कॉर्पोरेट ढांचे में परिवर्तन करने के बारे में सोच रहा है. अमेरिका की चिंता मूल कंपनी के चीनी ओरिजिन को लेकर है. इसको लेकर कंपनी के एक्जीक्यूटिव्स की बैठक हुई. बैठक में शामिल एक अधिकारी के मुताबिक इसमें टिकटॉक के लिए एक नया प्रबंधन बोर्ड बनाने और चीन के बाहर ऐप के लिए एक अलग मुख्यालय स्थापित करने जैसे विकल्पों पर चर्चा की गई. ऐप टिक टॉक वर्तमान में बाइट डांस से अलग अपना मुख्यालय नहीं है.

  Good News : दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में कोरोना महामारी का कहर थमने की राह पर

यह चीन के केमैन आइलैंड्स में स्थित है. वैश्विक आधार पर टिकटॉक अपना नया हेडक्वार्टर खोलने के लिए कई स्थानों पर विचार कर रहा है. बता दें इसके पांच सबसे बड़े कार्यालय लॉस एंजिल्स, न्यूयॉर्क, लंदन, डबलिन और सिंगापुर में हैं. वहीं चीन द्वारा नया नेशनल सिक्योरिटी लॉ लाने के बाद टिकटॉक ने हांगकांग के मार्केट से हटने का फैसला किया है.

टिक-टॉक ने अपने एक बयान में कहा, हम अपने उपयोगकर्ताओं, कर्मचारियों, कलाकारों, रचनाकारों, भागीदारों और नीति निर्माताओं के सर्वोत्तम हित में आगे बढ़ेंगे. यह ऐप यूएस में सबसे अधिक डाउनलोड की जाती है और यह किशोरों के साथ बेतहाशा लोकप्रिय है. पिछले दो हफ्तों से टिकटॉक को लेकर भारत समेत कई देशों में बुरी खबरें हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (Tuesday) को कहा था कि उनका प्रशासन अमेरिका में कोरोवायरस से निपटने के लिए चीन के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने के एक संभावित तरीके के रूप में ऐप पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है.

  देवेंद्र फडणवीस ने बिहार पुलिस के अध‍िकारी को क्वारंटाइन करने पर सवाल उठाए

अमेरिका चीन के खिलाफ कई कदम उठाने जा रहा है और टिकटॉक को बैन करना उनमें से एक है. बता दें भारत और अमेरिका की तरह आस्ट्रेलिया में भी कई सांसद (Member of parliament) टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव कर रहे हैं. हाल ही में लिबरल पार्टी के सीनेटर जिम मोलन ने कहा कि चीन सरकार (Government) टिक टॉक का उपयोग और दुरुपयोग कर रही है. वहीं टिक टॉक ने गुरुवार (Thursday) को बताया कि गाइडलाइंस का उल्लंघन करने पर उसने पिछले साल की दूसरी छमाही में अपने प्लेटफॉर्म्स से 4.9 करोड़ से ज्यादा वीडियो को हटाया था. इनमें से करीब एक तिहाई वीडियो भारत के थे. इसके बाद हटाए गए सबसे ज्यादा वीडियो अमेरिका और पाकिस्तान के थे.

Please share this news