पुलिस द्वारा लॉकडाउन की आड़ में पासधारी राहगीरों को थाने में नंगाकर पीटने का आरोप !

उदयपुर (Udaipur). कोरोना (Corona virus) के संक्रमण से आमजन को बचााने के लिए पुलिस (Police) द्वारा अपनी वर्दी का दुरूपयोग किया जा रहा है. यही नहीं पुलिस (Police) अब लॉकडाउन (Lockdown) की आड़ में पासधारी राहगीरों को थाने में ले जाकर बेरहमी से पीटने से नही चूक रही है. पूरा घटनाक्रम उदयपुर (Udaipur) के परसाद थाने का है, जहाँ थानाधिकारी सुभाष परमार ने खाकी वर्दी पर एक बार फिर बदनुमा दाग लगाने का काम किया है.

दरअसल इन दिनों महाराष्ट्र,गुजरात से लोग राजस्थान के कई इलाकों में आ रहे है. जब सीकर के रहने अनुज गुप्ता अपने एक साथी के साथ गुजरात से सरकारी परमिशन लेकर राजस्थान में प्रवेश हुए तो उन्हें खेरवाड़ा पुलिस (Police) ने रोक दिया. इसके बाद राहगीर अनुज गुप्ता को खेरवाड़ा एसडीएम अनिल जैन ने भी सीकर जाने के लिए लिखित परमिशन दे दी. अनुज गुप्ता और उसका साथी जब खेरवाड़ा से आगे निकलकर परसाद पहुचे,तभी परसाद थानाधिकारी ने दोनो लोगो को रोक कर बिना किसी कारण से थाने में बैठा दिया.

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वहीं जब दोनों पीडितो ने एसडीएम के लिखित आदेश को थानाधिकारी को बताया तो थानाधिकारी सुभाष परमार ने इसकी आ अनदेखी कर दी. यही नही पीड़ित युवकों ने जब इसकी जानकारी एसडीएम को दी तो थानाधिकारी ने एसडीएम के फोन तक रीसिव नहीं किये. इस दौरान थाना अधिकारी ने दोनों ही लोगों के साथ जमकर मारपीट की जिसमें अनुज गुप्ता के नाक में चोट आई है. एसडीएम जैन को जब राहगीरों के साथ हुई इस तरह की घटना का पता चला तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस (Police) के आला अधिकारियों को दी. जब पुलिस (Police) के आला अधिकारीयो ने थानाधिकारी से इसकी जानकारी मांगी गई तो उसने आनन फानन में दोनो लोगो को शांति भंग में गिरफ्तार कर लिया.

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थाने से निकलने के बाद आज सीकर के इन दोनों ही व्यापारियों ने अपनी आपबीती को मीडिया (Media) के समक्ष रखा यही नहीं दोनों व्यक्तियों के साथ हुई इस तरह की घटना की तस्दीक खुद एसडीएम अनिल जैन कर रहे हैं. अब दोनों ही व्यापारी पुलिस (Police) के आला अधिकारियों से थानाधिकारी सुभाष परमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. बहरहाल इस घटना को देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि किस तरह पुलिस (Police) खाकी वर्दी की आड़ में लॉकडाउन (Lockdown) से पीड़ित लोगों के पास गन्तव्य तक पहुचने का सरकारी आदेश होते हुए परेशान कर रही है.

इस संबंध में जब थानाधिकारी का पक्ष जानना चाहा तो उन्‍होंने उदयपुर (Udaipur) किरण का फोन रिसीव नहीं किया.

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