बजरंग पूनिया ने कहा, 6 माह का वेतन दान दूंगा, कोरोना से निपटने के लिए


नई दिल्ली (New Delhi) . प्रतिभाशाली भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया ने कोरोना संक्रमण से निपटने में मदद के लिए सोमवार (Monday) को छह महीने के अपने वेतन को दान करने की बात कही. इसके साथ तोक्यो ओलंपिक खेलों को टालने की मांग की. भारतीय पहलवान ने कहा कि कई देश ओलंपिक से नाम वापस ले चुके है, इसके बाद अगर इसका आयोजन होता है,तब टूर्नामेंट का महत्व कम होगा. बजरंग इन खेलों में भारत के पदक दावेदारों में से एक है. कोरोनो के बढ़ते मामलों के कारण हालांकि इसका आयोजन संदेह में है.

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दरअसल, बजरंग के छह महीने के वेतन दान करने की पहल का खेलमंत्री किरेन रीजीजू ने भी समर्थन किया. बजरंग ने ट्वीट किया,मैंने अपना छह महीने का वेतन दान करने का फैसला किया है. बजरंग ने कहा,ओलंपिक से पहले हमें कोरोना (Corona virus) से लड़ना होगा. यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है और यह 2-3 महीने तक जारी रहता है तो ओलंपिक को स्थगित करना पूरी तरह से सही रहेगा. अगर कोरोना (Corona virus) का कहर जारी रहता है, तब कोई भी देश अपने खिलाड़ियों को नहीं भेजेगा.पहले से ही कनाडा और आस्ट्रेलिया ने कहा है कि वे अपने खिलाड़ियों को नहीं भेजेगा.इसकारण आयोजन का क्या फायदा.’

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पुनिया ने कहा,यह सिर्फ भारत की समस्या नहीं है, यह एक वैश्विक मुद्दा है, जिससे पहले निपटने की जरूरत है.’ बजरंग सोनीपत के एक अपार्टमेंट में प्रशिक्षण ले रहे हैं, जबकि उनके कोच शाको बेंटिनिडिस जॉर्जिया के लिए रवाना हो गए हैं. महिला पहलवान के लिए विदेशी कोच एंड्रयू कुक भी कुछ दिन पहले अमेरिका के लिए रवाना हो गए हैं. भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए)ने कहा कि वह इन खेलों में देश की भागीदारी के बारे में चार सप्ताह में तय करेगा. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) पर खेलों को स्थगित करने का भारी दबाव है. इस बीच इन खेलों में पदक की एक अन्य दावेदार विनेश फोगाट ने कहा कि वह कड़ा अभ्यास कर रही हैं और उन्हें खेलों के स्थगित होने या नहीं होने की कोई चिंता नहीं. उन्होंने कहा,मैं अपने घर पर हूं और अब तक का प्रशिक्षण अच्छा रहा है. मेरे कुछ भी कहने से कुछ नहीं होगा.”

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