लाकडाउन के बाद पत्थरों की तराशी का काम कार्यशाला की जगह राम जन्मभूमि परिसर में होगा

लाकडाउन के कारण अभी पत्थरों की तराशी का काम बंद

अयोध्या . राम नगरी अयोध्या में भव्य राम मंदिर (Ram Temple) के निर्माण के लिए पत्थर तराशी और उनके सफाई का कार्य भी लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से प्रभावित हुआ है. इसकारण राम जन्मभूमि कार्यशाला में छेनी-हथौड़ी की आवाज नहीं आ रही है. अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट लॉकडाउन (Lockdown) खत्म होने के बाद तराशी का काम कार्यशाला की जगह राम जन्मभूमि परिसर में ही कराने की तैयारी में है. दरअसल, राम मंदिर (Ram Temple) के लिए प्रथम तल के निर्माण में प्रयोग होने वाले पत्थर तराशे जा चुके हैं, लेकिन दूसरे मंजिल के लिए पत्थरों की तराशी लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से बंद है. अब ट्रस्ट उन्हें लॉकडाउन (Lockdown) खत्म होने के बाद राम जन्मभूमि परिसर में ही शुरू करवा सकता है.

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बता दें सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) का फैसला आने के बाद से ही राम जन्मभूमि की कार्यशाला में पत्थर तराशी के साथ-साथ सफाई का कार्य भी बहुत तेजी के साथ चल रहा था, लेकिन लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से कार्य रुक गया. हालांकि राम जन्मभूमि में बनने वाले भव्य मंदिर के लिए एक मंजिल तक के निर्माण के लिए पत्थर तराशीका कार्य पूरा हो चुका था. 60 फीसदी से ज्यादा पत्थर तराशी का कार्य पूरा हो गया है. अब श्री राम तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अनुमति मिलने के साथ ही राम जन्मभूमि पर एक मंजिल के पत्थरों को पहुंचाने का कार्य तेजी के साथ शुरू हो जाएगा. संभावना है लाकडाउन के बाद कि दूसरे मंजिल के पत्थर की तराशी का कार्य राम जन्मभूमि के परिसर में किया जाए.इससे पत्थरों को ढोने में लगने वाला श्रम और समय दोनों में बचत होगी. बता दें 1992 में ही राम जन्मभूमि अधिगृहित परिषद में विश्व हिंदू परिषद ने पत्थर तराशी की कार्यशाला बनाई थी. जो बाद में कोर्ट के आदेश के बाद बंद कर दी गई थी.

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सूत्रों की माने तो अब वह कार्यशाला दोबारा से चालू हो सकती है और दूसरे मंजिल के पत्थरों की तराशी भी यहीं पर की जा सकती है. राम जन्म भूमि पत्थर तराशने का कार्य देख रहे सुपरवाइजर अनु भाई सोमपुरा की माने तो लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से अभी पत्थर तराशी और पत्थरों की सफाई का कार्य बंद है. लॉकडाउन (Lockdown) खुलने के बाद दोबारा से पत्थरों की सफाई और तराशी का कार्य शुरू किया जाएगा. अभी एक मंजिल के पत्थरों को तैयार किया जा चुका है, जो राम जन्मभूमि में नींव खुदने के बाद ही रामलला के गर्भ गृह में पहुंचाया जाएगा. जहां पर मंदिर निर्माण का कार्य चालू होगा और उसके साथ ही दूसरे मंजिल के पत्थरों की तरासी भी शुरू हो जाएगी.

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विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय मीडिया (Media) प्रभारी शरद शर्मा ने कहा कि कोरोना से पूरा देश जूझ रहा है और इस विषय पर विचार विमर्श हो रहा है कि इस महासंकट से किस तरीके से उबरा सके. इस दरमियान केवल राम जन्मभूमि कार्यशाला ही नहीं प्रभावित हुई बल्कि अयोध्या की प्राचीन पहचान राम जन्मोत्सव का कार्यक्रम भी प्रभावित हुआ. मंदिर निर्माण के निमित्त पत्थरों के तराशी और सफाई का कार्य बंद कर दिया गया है.

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