कोविड-19 की वैक्सीन को सार्वजनिक वस्तुओं के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए: WHO


नई दिल्ली (New Delhi) . विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) डब्ल्यूएचओ ने एक बार फिर अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि पूरी दुनिया के लिए कोविड-19 (Covid-19) संक्रमण की वैक्सीन को सार्वजनिक वस्तुओं के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए और सभी देश इसमें योगदान करें. डब्ल्यूएचओ डिपार्टमेंट ऑफ इम्यूनाइजेशन, वैक्सीन्स एंड बायोलॉजिकल्स की डायरेक्टर कैथरीन ओ’ब्रायन ने जिनेवा मंश एक सम्मेलन में कहा कि कोविड-19 (Covid-19) की वैक्सीन्स को ग्लोबल पब्लिक हेल्थ गुड्स के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए.

हम रोगाणुओं व कीटाणुओं को अपनी सीमाओं को पार करने से नहीं रोक सकते हैं और इसीलिए पूरे विश्व की रक्षा के लिए इनकी वैक्सीन्स को सार्वजनिक वस्तुओं के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए और इसके लिए सभी देशों को इसमें योगदान करने की आवश्यकता है.” उन्होंने कहा, “महामारी (Epidemic) सीमाओं को नहीं पहचानती है. भले ही एक देश अपने यहां बड़ी संख्या में लोगों वैक्सीन देने में सफलता प्राप्त कर लें फिर भी यह महामारी (Epidemic) (कोविड-19 (Covid-19) संक्रमण) सीमाओं को पार कर लेगी.

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एक भी देश में खतरे की स्थिति में हम सभी जोखिम में पड़ जाएंगे. बता दें कि कोरोना से देश का हाल बेहाल है. भारत में कोरोना (Corona virus) के मामलों में हर दिन इजाफा देखने को मिल रहा रहा है और रोज यह सबसे अधिक मामलों का रिकॉर्ड बनाता जा रहा है. आज भी कोरोना का अब तक का सबसे बड़ा उछाल सामने आया है. देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना (Corona virus) से 6654 नए मामले सामने आए हैं और करीब 137 लोगों की मौतें हुई हैं. शनिवार (Saturday) को जारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में कोरोना (Corona virus) के मामले बढ़कर करीब 125101 हो गए हैं और कोविड-19 (Covid-19) से अब तक 3720 लोगों की मौत हो चुकी है. कोरोना के कुल 125101 केसों में 69597 एक्टिव केस हैं, वहीं 45299 लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है या फिर वह ठीक हो चुके हैं. कोरोना (Corona virus) से अब तक सर्वाधिक 1517 लोगों की मौत महाराष्ट्र (Maharashtra) में हुई.

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