रोचेस्चर पार्क में फ्रेडरिक डगलस की प्रतिमा क्षतिग्रस्त

रोचेस्टर . रोचेस्टर शहर में 1852 में दिए गए समाज सुधारक फ्रेडरिक डगलस के भाषण की वर्षगांठ पर शहर में लगी उनकी प्रतिमा क्षतिग्रस्त कर दी गई. यह डगलस के सबसे प्रसिद्ध भाषणों में से एक माना जाता है. पुलिस (Police) ने कहा कि डगलस की प्रतिमा को रविवार (Sunday) को मेपलवुड पार्क से ले जाया गया. यह अंडरग्राउंड रेलरोड से सटी वह जगह है जहां डगलस और हैरियट टबमैन ने दासों को आजादी दिलाने में मदद की थी. पुलिस (Police) ने कहा कि डगलस की प्रतिमा जेनेसी नदी तट से दूर मिली जो अपने मूर्तितल से 50 फुट की दूरी पर है. प्रतिमा के धर और अंगुली को नुकसान पहुंचाया गया था. पांच जुलाई, 1852 को रोचेस्टर में, डगलस ने भाषण दिया था कि, “दासों के लिए चार जुलाई के क्या मायने हैं’’ जिसमें उन्होंने स्वतंत्रता के उत्सव को ऐसे राष्ट्र में एक दिखावा कहा था जो अपने काले नागरिकों को गुलाम बनाता है और उनपर अत्याचार करता है. डगलस ने कहा था कि एक गुलाम के लिए स्वतंत्रता दिवस “ऐसा दिन है जो अन्य दिनों के मुकाबले उसे उस अन्याय एवं क्रूरता का अहसास कराता है जिसका वह लगातार भुक्तभोगी है. पार्क में डगलस की प्रतिमा लगाने वाली परियोजना के नेता, कार्विन इसन ने ‘रोचेस्टर डेमोक्रेट एंड क्रोनिकल’ को बताया कि एक अन्य प्रतिमा इस स्थान पर स्थापित की जाएगी क्योंकि उस काफी हद तक नुकसान पहुंचा है.

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