पानी पीने का सही तरीका आपकों कर सकता हैं स्वास्थ्य


नई दिल्ली (New Delhi) . आमतौर पर एक आम इंसान पानी की बॉटल खोली और गट-गट कर पानी पी जाते हैं, लेकिन क्या ये पानी पीने का सही तरीका है? क्या आपको पानी पीने का सही समय और सही मात्रा के बारे में पूरी जानकारी है? अगर नहीं तब ये खबर आपके लिए ही है क्योंकि गलत तरीके से पानी पीने से शरीर में कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं और हम कभी इस साधारण सी बात पर ध्यान भी नहीं देते हैं. कहते हैं हर दिन कम से

कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए. पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर का मेटाबॉलिज्म अच्छा रहता है, जिससे आपका पाचन सही तरीके से होता है. पानी पीते रहने से शरीर में फैट जमा नहीं होता. हमारा शरीर 75 प्रतिशत पानी से बना है और पानी ही शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक पोषक तत्वों को पहुंचाने में मदद करता है. साथ ही पानी पीते रहने से आप ज्यादा खाने की आदत से खुद को दूर रख सकते है.

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गलत समय, गलत तरीके और गलत मात्रा में पानी पीने से पेट में दर्द हो सकता है, पाचन में दिक्कत हो सकती है, डायबीटीज, ब्लड प्रेशर, सिरदर्द, भारीपन, किडनी प्रॉब्लम और सुस्ती जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. हर किसी के शरीर के हिसाब से पानी की जरूरत सबकी अलग-अलग हो सकती है. सुबह उठने के बाद 2 गिलास पानी पीना चाहिए. आयुर्वेद के मुताबिक सुबह खाली पेट पानी पीना काफी फायदेमंद होता है. ऐसा करने से बॉडी से टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं और शरीर की सफाई अच्छी तरह हो जाती है.

साथ ही सुबह खाली पेट पानी पीने से कब्‍ज में भी राहत मिलती है. इसके अलावा खाना खाने से करीब 30 मिनट पहले पानी पीना चाहिए, इससे खाना आसानी से पचता है. खाने के साथ खाने के तुरंत बाद पानी न पिएं. खाना खाने के आधे घंटे बाद ही पानी पीना सेहत के लिए फायदेमंद है. नहाने से आधा घंटा पहले पानी पीने से ब्लड प्रेशर की समस्या नहीं होती और सोने से पहले पानी पीने से हार्टअटैक का खतरा कम होता है. घर से बाहर निकलते वक्त पानी पीकर निकलें. साथ ही एक्सर्साइज या वर्कआउट करने के बाद भी पानी जरूर पिएं ताकि डिहाइड्रेशन की दिक्कत न हो.

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​आयुर्वेद के अनुसार पानी पीने का सही तरीका बैठकर पानी पीना है. अगर आप खड़े होकर पानी पीते हैं, तो पानी तेजी से पेट के निचले हिस्‍से में चला जाता है जिससे पानी के पोषक तत्‍व शरीर को पर्याप्‍त मात्रा में नहीं मिल पाते हैं. साथ ही साथ पानी को एक बार गट-गट करके पीने की बजाए सिप-सिप कर धीरे-धीरे पीना चाहिए. इसका कारण यह है कि जब हम पानी पीते हैं, तो हमारी लार भी पानी में मिलकर अंदर जाती है.

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पानी को धीरे-धीरे पीने से पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद मिलती है. आयुर्वेद की मानें तो जो पानी आप पी रहे हैं उसका तापमान शरीर के तापमान से ठंडा नहीं होना चाहिए. गर्मियों में बहुत से लोग घर पहुंचते ही फ्रिज का ठंडा पानी पी लेते हैं जो शरीर को नुकसान पहुंचाता है. बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीने से शरीर में कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं. लिहाजा बहुत ज्यादा ठंडा और बर्फ वाला पानी पीने की बजाए नॉर्मल पानी ही पिएं.

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