शोधकर्ता वैज्ञानिकों ने किया दावा : दिमागी क्षमता में सुधार करता है एवोकाडो

नई दिल्ली (New Delhi) . एवोकाडो मोटापे से ग्रस्त लोगों की दिमागी क्षमत सुधार सकता है. मोटे लोग प्रतिदिन अपने आहार में एक एवोकाडो का सेवन करके एकाग्रता में सुधार ला सकते हैं. यह कहना है शोधकर्ताओं का. वैज्ञानिकों की माने तो वो दिन गए जब वसायुक्त फल एवोकाडो का केवल वजन घटाने के लिए ही सेवन किया जाता था. यह मोटे लोगों में संज्ञानात्मक कार्यों को बेहतर बनाने में भी मदद करता है. एवोकाडो को मक्खन फल भी कहा जाता है. विटामिन ए, बी, ई, फाइबर, मिनरल्स और प्रोटीन से भरपूर यह फल गहरे हरे रंग का होता है.

  मध्य और पश्चिम रेलवे ने चलायी 1,757 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें, 25 लाख प्रवासी मजदूर पहुंचे अपने घर

एवोकाडो पर हुए शोध में यह बात सामने आ चुकी है कि नियमित तौर पर इसका सेवन करने से कैंसर का खतरा कम होता है. ये शरीर में कैंसर सेल्स को बढ़ते से रोकता है. एक निश्चित मात्रा में एवोकाडो का सेवन करने से पेट साफ रहता है. एवोकाडो में पर्याप्त मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो कब्ज, एसिडिटी जैसी समस्याओं से निजात दिलाता है. जिन लोगों को पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं उन्हें एवोकाडो खाने की सलाह दी जाती है. एवोकाडो में मौजूद बीटा-सिटेस्टेरोल हेल्दी कोलेस्ट्रॉल का लेवल बनाए रखने में मदद करता है.

  कोरोना के पांचवें लॉकडाउन में राज्यों के बीच आवागमन की इजाजत

एवोकाडो का नियमित तौर पर सेवन करने से ऑस्टियोआर्थराइटिस का खतरा कम होता है. इसके साथ ही एवोकाडो में बहुत ही महत्वपूर्ण खनिज पाए जाते हैं जिनमें जस्ता, फॉस्फोरस, तांबा, कैल्शियम और सेलेनियम आदि शामिल हैं.अध्ययनों से पता चलता है कि एवोकाडो का सेवन एचडीएल कोलेस्ट्रॉल के एंटीथोजेनिक गुणों को बढ़ा सकता है, जिससे हार्ट प्रॉब्लम दूर रहती हैं.

Please share this news