Thursday , 24 September 2020

करीब तीन वर्षों में तैयार हो जायेगा भव्य राम मंदिर-विहिप


लखनऊ (Lucknow) . विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के केन्द्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने सोमवार (Monday) को कहा कि 1989 में श्री राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के लिए शिलान्यास हुआ था, पर मंदिर का निर्माण शासकीय बाधाओं, राजनीतिक तिकडे और न्यायालयों में देरी के मकड़ जाल में फंस गया. उन्होंने कहा कि लगभग 31 वर्ष बाद, अब यह सुखद संयोग बना है कि पांच अगस्त को प्रधानमंत्री की उपस्थिति में मंदिर का निर्माण शुरू होगा और यह आशा की जा सकती है कि लगभग तीन वर्षों के समय में, राम भक्त समाज मंदिर के गर्भगृह में विराजमान श्री रामलला का पूजन-अर्चन कर सकेगा. देश में अपने राष्ट्रपुरुषों का सम्मान होगा.

विहिप द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक उन्होंने कहा कि हमारा विश्वास है कि यह सारा प्रयत्न केवल एक और मंदिर बनाने के लिए नहीं है. यह अभियान तो पृथ्वी पर रामत्व की स्थापना के लिए है, राम राज्य के लिए है. यह भी समझना जरूरी है कि केवल सरकार (Government) के भरोसे यह काम नहीं हो सकता, समाज में भी जन-जन को इस काम में जुटना होगा. कुमार ने कहा कि राम राज में न दरिद्रता थी और न ही अस्वस्थता. रामत्व एक ऐसे समतामूलक समाज के बनाने से आयेगा जिसमे सब मनुष्यों को गरिमा मिलेगी. रोटी, कपड़ा और मकान के साथ, शिक्षा और रोजगार की भी आश्वस्ति होगी. परिवार के सदस्यों में प्रेम होगा और सबके लिए अपने को हटा पशुत्व कर मनुष्य होना और उससे आगे बढ़ते हुए अपने इश्वर के साक्षात्कार का अवसर मिलेगा. इस उद्देश्य से विश्व हिन्दू परिषद के सहयोग से देश के एक लाख से ज्यादा गावों में एकल विद्यालय चलते है. इन विद्यालयों के द्वारा शिक्षा, संस्कार, स्वच्छता, जैविक खेती और आत्मनिर्भर ग्रामी को बनाने के काम को गति देंगे.

विहिप कार्याध्यक्ष ने कहा कि हम विशेष तौर पर अनुसूचित जाति और जनजाति के बंधओं में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार का काम करेंगे. इसके लिए सरकार (Government) द्वारा इन वर्गों के लिये बनाई गयी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगो तक पहुँचाने के लिए विहिप एक सेतु का काम करेगा. बयान में कहा गया कि विश्व हिन्दू परिषद देशभर में देशभक्ति के भाव को सुदृढ कर सज्जन शक्ति के बल पर देश को सभी प्रकार के आतंक से मुक्त करने में सहयोग देगी. विश्व हिन्दू परिषद मंदिर निर्माण के साय में हिन्दू परिवार व्यवस्था सुहठ करने का प्रयत्न करेगी. परिवारों में संस्कार और परस्पर प्रेम भावना से अकेलेपन की समस्या और उसके तनावों से मुक्ति मिलेगी. विश्व हिन्दू परिषद यह भी प्रयत्न करेगी कि गौं-वंश के संवर्धन, गौ-उत्पादों का विकास और जैविक खेती का अधिकाधिक प्रसार हो. इसके लिए परिषद गौ पालको और किसानों के प्रशिक्षण की व्यवस्था को मजबूत करेगी.

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