कोरोना संकट की वजह से थाईलैंड में ठप हुआ पर्यटन, भुखमरी की कगार पर पहुंचे हज़ारों हाथी


बैंकाक . कोरोना (Corona virus) के कहर से दुनियाभर के देश जूझ रहे हैं. कोरोना (Corona virus) का असर लोगों की ज़िंदगी के साथ-साथ आजीविका और उद्योगों पर भी पड़ा है. थाईलैंड में पर्यटन उद्योग पर कोरोना (Corona virus) का असर पड़ने की वजह से करीब दो हज़ार हाथियों के भूखे मरने की नौबत आ गई है. दरअसल पर्यटन उद्योग ठप होने की वजह से हाथियों के मालिकों के पास इनके खाने-पीने का इंतज़ाम कर पाना कठिन हो गया है. कोरोना (Corona virus) के संक्रमण को रोकने के लिए थाईलैंड में पर्यटन पर रोक लगा दी गई है. पाबंदियों की वजह से फुकेट और थाईलैंड के दूसरे हाथी अभ्यारण्य में पर्यटकों का आना पूरी तरह से बंद हो चुका है.

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इसकी वजह से सैलानियों को सैर कराने वाले हाथी अपने कैंप में बंद हैं और उनके मालिकों के लिए दो वक्त के खाने का इंतज़ाम कर पाना मुश्किल हो गया है. ऐसे में पूरे देश मे हज़ारों हाथियों के सामने ज़िंदगी का संकट गहरा गया है. अकेले फुकेट में 28 कैंप बंद होने की वजह से 280 हाथियों पर संकट खड़ा हो गया है. फुकेट के गवर्नर ने 28 मार्च को सभी ज़ू और एनिमल शो दिखाने वाले पर्यटक स्थलों को बंद करने का आदेश दे दिया था. फुकेट में हाथी अभ्यारण्य स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाने वाली लुईस रोज़रसन ने कहा कि एलिफेंट कैम्प के बंद होने से हज़ारों हाथी जंजीरों में बंधे रहने को मजबूर हैं जो ठीक नहीं है.

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एलिफेंट एशिया रेस्क्यू एंड सर्वाइवल फाउंडेशन की संस्थापक लुईस रोज़रसन थाईलैंड और कम्बोडिया में बंदी बनाए गए हाथियों की रिहाई, बचाव और मदद के लिए लगभग एक दशक से अभियान में जुटी हैं. दरअसल, हाथियों को लेकर चिंता की सबसे गंभीर बात यह है कि वह भुखमरी का शिकार हो सकते हैं, क्योंकि उनके मालिकों के पास उनका खाना खरीदने के लिए पैसा नहीं है, क्योंकि पर्यटन उद्योग बैठ चुका है.

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