Wednesday , 28 October 2020

जयपुर के गुनहगारों को फांसी की सजा सुनाने वाले जज को सता रहा सुरक्षा का डर

जयपुर (jaipur) . करीब 11 साल बाद जयपुर (jaipur) के गुनहगारों को फांसी की सजा सुनाने वाले जज अजय कुमार शर्मा को अब अपनी सुरक्षा का डर सता रहा है. इस लेकर जज उन्होंने राज्य के डीजीपी भूपेंद्र सिंह को पत्र लिखा है.पत्र में सेवानिवृत्त जज ने कहा कि आईबी की रिपोर्ट के अनुसार मुझे और मेरे परिवार से आतंकी ग्रुप कभी भी बदला ले सकते हैं. वहीं, दूसरी ओर मुझे सूचना मिली है, कि पुलिस (Police) लाइन के अधिकारी मुझे दी गई सुरक्षा को हटाने जा रहे हैं.इसके बाद मुझे दी गई सुरक्षा को यथावत रखा जाए.

अपने पत्र में रिटायर्ड जज ने कहा कि उनके घर पर शराब की खाली बोतलें फेंकी गई हैं. कई दिनों से मोटरसाइकिल सवार संदिग्ध लोग घर के बाहर चक्कर लगा रहे हैं.उन्होंने घर के बाहर की फोटो भी खींची. ये आतंकी ग्रुप बहुत ही खतरनाक हैं. ये मेरे और मेरे परिवार के साथ कुछ भी कर सकते हैं.जज ने अपने पत्र में लिखा है कि क्या यह मेरा कसूर है कि मैंने चार खूंखार आतंकवादियों को फांसी की सजा दी. पत्र में जज नीलकंठ गंजू का उदाहरण भी दिया गया है.न्यायाधीश (judge) नीलकंठ गंजू ने 1984 में आतंकी मकबूल भट्ट को मौत की सज़ा सुनाई थी. उन्हें 2 अक्टूबर 1989 को आतंकवादियों ने सरेआम मार दिया था.

जयपुर (jaipur) बम ब्लास्ट की विशेष अदालत में जज नियुक्त होने के साथ ही जज अजय कुमार शर्मा को चार गार्ड और दो पीएसओ की सुरक्षा मिली हुई थी. वह उनके 31 जनवरी 2020 को रिटायर होने के बाद भी उनके साथ बनी हुई है. लेकिन अब उनकी सुरक्षा व्यवस्था को हटाने अथवा कम करने की बात चल रही थी.इस लेकर जज ने डीजीपी को पत्र लिखा है.जयपुर (jaipur) में 13 मई 2008 को हुए सीरियल बम ब्लास्ट में करीब 71 लोगों की मौत हुई थी. वहीं 185 लोग घायल हो गए थे. ब्लास्ट के 11 साल बाद विशेष अदालत ने 4 आरोपियों को फांसी की सज़ा सुनाई थी.

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