जेल में बंद राम रहीम को पैरोल देने से जेल प्रशासन ने किया इनकार


रोहतक . कथित संत राम रहीम सुनारिया जेल में बंद है और एक बार फिर उसके पैरोल का आस को जेल प्रशासन ने अस्वीकार कर दिया है. उसकी मां ने बीमारी का हवाला देकर उसकी पैरोल के लिए आवेदन किया था. लेकिन जेल प्रशासन ने राम रहीम के पैरोल से बाहर आने के सपने को तोड़ते हुए उसे पैरोल देने से इनकार कर दिया है. वह तीन सप्ताह की पैरोल हासिल करना चाहता था. गुरमीत राम रहीम की मां नसीब कौर की तरफ से पैरोल का आवेदन भेजा गया था.

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आवेदन में अपनी बीमारी का हवाला देकर 1 सप्ताह पहले ये आवेदन किया गया था. ज्ञात हो कि इससे पहले भी राम रहीम कई बार पैरोल के लिए प्रयास कर चुका है. श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने आरोप लगाया था कि कोरोना की आड़ में हरियाणा (Haryana) सरकार (Government) गुरमीत राम रहीम को पेरोल पर छोड़ सकती है. अकाल तख्त का कहना था कि ऐसे माहौल में अगर राम रहीम को परोल पर छोड़ा गया तो माहौल बिगड़ेगा. वहीं प्रशासन द्वारा पैरोल देने से इनकार करने के बाद इन आरोपों पर विराम लग गया है.

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मालूम हो कि साध्वी यौन शोषण और पत्रकार हत्या (Murder) कांड मामले में राम रहीम को पंचकूला की CBIकोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई है. उसे 25 अगस्‍त 2017 को पुलिस (Police) ने तब गिरफ्तार किया था जब वो अपने 50वें जन्‍मदिन पर शानदार तरीके से जश्‍न मना रहा था. सजा सुनाए जाने के बाद सुनारिया जेल को हाई सिक्‍यॉरिटी जोन में बदल दिया गया था. जेल की सुरक्षा में पैरामिलिट्री को भी तैनात किया गया था. राम रहीम की ओर से कई बार पेरोल और बेल की अपील की गई है, लेकिन हर बार उसकी याचिका खारिज हो जाती है. फिर चाहे वह खेती करने के लिए मांगी गई पेरोल हो या फिर बेटी की शादी में शामिल होने के लिए अपील.

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