बॉडी कवर और मास्क की सप्लाई के लिए इमर्जेंसी ऑफिस


नई दिल्ली (New Delhi) . टेक्सटाइल मिनिस्ट्री ने बॉडी कवर ऑल और मास्क जैसे पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट की सप्लाई बढ़ाने के लिए मुंबई (Mumbai) , अहमदाबाद (Ahmedabad), दिल्ली और बेंगलुरु (Bengaluru) ‘इमर्जेंसी कंट्रोल ऑफिस’ बनाए हैं. ये ऑफिस कच्चे माल की खरीद, एंड-प्रॉडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग, मेडिकल डिवाइस यूनिट्स में उनकी टेस्टिंग और कर्मचारियों की कमी के बीच ट्रांसपोर्टेशन के प्रोसेस को ट्रैक करेंगे.

एक अधिकारी ने बताया ‎कि मुंबई (Mumbai) , बेंगलुरु (Bengaluru) और अहमदाबाद (Ahmedabad) समेत कई लोकेशन पर मैनयुफैक्चरिंग यूनिट्स हैं. इमर्जेंसी कंट्रोल ऑफिस लॉकडाउन (Lockdown) और मैनपावर की कमी के बीच उचित तालमेल और सप्लाई सुनिश्चित करेंगे.’ कोविड-19 (Kovid-19) महामारी (Epidemic) के बीच इन प्रॉडक्ट्स की डिमांड तेजी से बढ़ने की वजह से ये ऑफिस बनाए गए हैं. इन प्रॉडक्ट्स को ग्लोबल हेल्थ नॉर्म्स में ‘कैटेगरी 4’ में रखा गया है क्योंकि ये हेल्थकेयर एक्टिविटीज में संक्रमण के भारी जोखिम के बीच इस्तेमाल होते हैं और चार-पांच घंटे के उपयोग के बाद इन्हें उचित तरीके से डिस्पोज करने की जरूरत होती है.

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पीपीई बनाने के लिए टेक्नोलॉजी और रिसर्च का पेटेंट कराया गया है. इससे पहले 3एम, हनीवेल और ड्यूपॉन्ट भारत के प्रमुख सप्लायर थे क्योंकि अभी तक मांग सीमित थी. कोविड-19 (Kovid-19) के प्रकोप की वजह से आयात भी रुक गया है. इस जरूरी मेडिकल टेक्सटाइल को खरीदने वाली संस्था स्वास्थ्य मंत्रालय है. अधिकारी ने बताया कि आयात बंद होने से पहले सरकार (Government) के पास एक प्रमुख सप्लायर से लगभग 19,000 पीपीई थे. पहले देश में पीपीई सूट नहीं बनाए जाते थे. हम स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग विकसित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कम से कम सात लोकल मैन्युफैक्चरर्स स्वास्थ्य मंत्रालय के तय मानकों पर खरे उतर चुके हैं. सरकार (Government) को उम्मीद है कि लोकल मैन्युफैक्चरर्स हर हफ्ते 10,000 कवरऑल की सप्लाई करेंगे.

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