कोरोना के शक में बाहर निकाला दफनाया शव, डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम में की आनाकानी


फर्रुखाबाद . फर्रुखाबाद से में एक बच्चे की अचानक तबियत बिगड़ने से मौत हो गई. नितिन जैन निवासी अवधेश का 11 साल का बेटा पुत्र सुमित शनिवार (Saturday) 4 अप्रैल को खेल कर आया और 10 बजे उसे बुखार आना शुरु हो गया. परिजन उसे पास के नर्सिंग होम ले गए जहां उसे वेंटीलेटर पर रखने की बात कही लेकिन कुछ देर में ही डॉक्टरों (Doctors) ने सुमित को मृत घोषित कर दिया. मौत के बाद परिजनों ने उसे गंगा किनारे ले जाकर दफन कर दिया.

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बता दें कि 9 दिन पहले ही सुमित की मां की भी मृत्यु हुई थी. पड़ोसियों को शक था कि उसकी मां की मृत्यु वायरस से हुई थी. पुलिस (Police) ने जिलाधिकारी को फोन कर मां-बेटे की मौत ता कारण कोरोना (Corona virus) को बताया. जिसके बाद जिलाधिकारी ने एसडीएम को आदेश देकर बच्चे के शव को निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. बता दें कि 9 दिन पहले सुमित की मां सुधा की भी अचानक ही मृत्यु हो गई थी. जिसके कारण पड़ोसियों को कोरोना होने का शक था.

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गौरतलब है कि शव को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा तो दिया गया लेकिन पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर (doctor) और पोस्टमार्टम स्टाफ इस उसके शव को छूने को तैयार नहीं थे. शव को कई घंटों तक पोस्टमार्टम हाउस में रखने के बाद भी कर्मचारी और डॉक्टर (doctor) पोस्टमार्टम करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए. देर रात बच्चे के परिजनों ने जिलाधिकारी से नाराजगी जाहिर की तो जिलाधिकारी ने तत्काल मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जल्द से जल्द पोस्टमार्टम किए देने के आदेश दिए. जिसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आदेश पर देर रात शव का पोस्टमार्टम किया गया.

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