शोएब अख्तर का खुलासा : इंजेक्शन लेकर की गेंदबाजी, जानबूझकर बीमर गेंद धोनी को फेंकी


नई दिल्ली (New Delhi) . पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने खुलासा कर कहा है कि उन्होंने 2006 में टेस्ट मैच के दौरान महेंद्र सिंह धोनी को जानबूझकर बीमर गेंद फेंकी थी. अख्तर ने बताया कि मामला 2006 फैसलाबाद में भारत बनाम पाकिस्तान टेस्ट मैच का है.उन्होंने कहा कि मैच में पिच काफी सपाट थी और गेंदबाजी में पूरी कोशिश करने के बावजूद उन्हें सफलता नहीं मिल रही थी. 44 वर्षीय पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा कि उन्होंने धोनी को गुस्से में बीमर गेंद फेंकी थी क्योंकि वह उस दिन बेहतरीन खेल रहे थे.

उन्होंने कहा कि उनका घुटना 1997 से पूरी तरह बेकार हो गया था और वह उस मैच में काफी दर्द में थे तथा उन्होंने इंजेक्शन लेकर मैच खेला था. अख्तर ने कहा,1997 से मेरे घुटने में तकलीफ है और यह किसी काम के नहीं रह गए हैं. इसके बावजूद मैं लड़ा और खेलने के लिए इंजेक्शन का इस्तेमाल किया. मेरे एक पैर की फिबुला हड्डी उस वक्त टूट गई थी जब भारत ने पाकिस्तान का दौरा किया था.’ उन्होंने कहा, ‘धोनी फैसलाबाद टेस्ट में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे थे और उस मैच में विकेट काफी सपाट था. मैंने उस मैच में खेलने के लिए इंजेक्शन का इस्तेमाल किया था और मुझे इतना दर्द हो रहा था कि मैंने फैसला लिया था कि यह मेरा आखिरी टेस्ट मैच होगा.’

अख्तर ने कहा,मेरी फिबुला हड्डी पूरी तरह टूट गई थी. मैंने आठ-नौ ओवर तेजी से गेंदबाजी की लेकिन धोनी बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे थे. मैंने उनसे जानबूझकर बीमर फेंकने के लिए माफी मांगी.’ उन्होंने कहा, ‘मेरे जीवन में पहली बार मैंने जानबूझकर बीमर फेंकी थी. मैंने ऐसा कभी नहीं किया था. मुझे इसका काफी अफसोस था. धोनी काफी अच्छा खेल रहे थे और विकेट काफी धीमा था. मुझे लगता है मैं हताश हो गया था.उल्लेखनीय है कि धोनी ने इस मैच में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 153 गेंदों में 19 चौकों और चार छक्कों की मदद से 148 रन बनाए थे. धोनी ने इरफान पठान के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए 201 रन की साझेदारी की थी. पठान ने इस मैच में 90 रन का योगदान दिया था. धोनी और इरफान की बेहतरीन पारियों के बावजूद यह मैच ड्रा रहा और पाकिस्तान ने तीसरा मुकाबला जीत भारत से सीरीज 1-0 से जीत ली थी.

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