SBI की रिपोर्ट में कहा, सरकार को सोच समझ कर लॉकडाउन से बाहर निकलने की रणनीति बनानी होगी


नई दिल्ली (New Delhi) . शुक्रवार (Friday) को जनवरी-मार्च तिमाही में इकॉनमी का क्या हाल रहा, उसकी रिपोर्ट सामने आ चुकी है. ग्रोथ रेट अनुमान से बेहतर रहा, लेकिन तीसरी तिमाही के मुकाबले काफी कम है. कोरोना के कारण लागू लॉकडाउन-4 31 मई को खत्म हो रहा है. माना जा रहा है कि एक जून से देश के गिने चुने 13 शहरों में लॉकडाउन (Lockdown) होगा और बाकी देश खुल जाएगा.

इससे आर्थिक गतिविधि में जरूर तेजी आएगी, लेकिन कोरोना का खतरा भी बढ़ेगा. इस बीच एसबीआई की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार (Government) को सोच समझ कर लॉकडाउन (Lockdown) से बाहर निकलने की रणनीति बनानी होगी.रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को वृद्धि दर में स्थिर गिरावट को रोकने के लिए लॉकडाउन (Lockdown) से बाहर निकलने की रणनीति काफी सोच-विचार कर बनानी होगी. बीते वित्तवर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर घटकर 4.2 प्रतिशत रह गई है,जो इसका 11 साल का निचला स्तर है. बीते वित्त वर्ष की चौथी जनवरी-मार्च की तिमाही में वृद्धि दर 40 तिमाहियों के निचले स्तर 3.1 प्रतिशत पर आ गई है.

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कोरोना पर काबू के लिए देश में 25 मार्च से लॉकडाउन (Lockdown) लागू है,इससे आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. लॉकडाउन (Lockdown) का चौथा चरण रविवार (Sunday) 31 मई तक है. एसबीआई की शोध रिपोर्ट में कहा गया है, अब हमारा मानना है कि हमें समझदारी के साथ लॉकडाउन (Lockdown) से निकलने की रणनीति बनानी चाहिए. राष्ट्रव्यापी बंद लंबा खिंचने से वृद्धि दर में गिरावट भी लंबे समय तक रहेगी.’

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रिपोर्ट में कहा गया है कि पूर्व के अनुभवों से पता चलता है कि मंदी से बाहर निकलने की रफ्तार काफी धीमी रहती है. आर्थिक गतिविधियों के पुराने स्तर पर पहुंचने में पांच से दस साल लग जाते हैं. शुक्रवार (Friday) को जारी जीडीपी आंकड़ों पर रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्च के अंतिम कुछ दिनों में बंद की वजह से चौथी तिमाही की वृद्धि दर 40 तिमाहियों के निचले स्तर 3.1 प्रतिशत पर आ गई. रिपोर्ट में कहा गया है कि विभिन्न क्षेत्रों की बात की जाए, तो सिर्फ कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन अच्छा रहा. बीते वित्त वर्ष में कृषि और संबद्ध गतिविधियों की वृद्धि दर चार प्रतिशत रही, जो इससे पिछले वित्त वर्ष 2018-19 में 2.4 प्रतिशत रही थी.

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