रिजल्ट ने दिखा दिया कि बुद्धि पैसे की गुलाम नहीं: अरविंद केजरीवाल


नई दिल्ली (New Delhi) . दिल्ली के मुख्यमंत्री (Chief Minister) अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राजधानी दिल्ली शिक्षा मॉडल ने शहर के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 98 प्रतिशत विद्यार्थियों के सीबीएसई की 12वीं परीक्षा पास करने के साथ इतिहास रच दिया है. केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली शिक्षा मॉडल ने कक्षा 12वीं की सीबीएसई परीक्षाओं में पास होने वाले हमारे सरकारी स्कूलों में 98 प्रतिशत बच्चों के साथ इतिहास बनाया है. मुझे विश्वास है कि भारत के इतिहास में किसी भी राज्य के किसी भी सरकारी स्कूल ने यह परिणाम हासिल नहीं किया होगा. जो 2 प्रतिशत बच्चे पास नहीं हुए, उन्हें बिल्कुल भी घबराने और परेशान होने की जरूरत नहीं है.

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हम और मेहनत करेंगे, हम आपके लिए एक्स्ट्रा क्लास लगवाएंगे. आपकी सरकार (Government) हमेशा आपके साथ खड़ी है. उन्होंने कहा कि इस बार की परीक्षाओं में निजी स्कूलों में 92.2 प्रतिशत छात्र (student) पास हुए हैं और सरकारी स्कूलों में 97.92 प्रतिशत छात्र (student) पास हुए हैं. देश के बाकी हिस्सों की तुलना में, दिल्ली के सरकारी स्कूलों में बहुत अच्छे परिणाम आए हैं. मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने बताया कि दिल्ली के 916 स्कूलों में से 396 स्कूलों के 100 प्रतिशत छात्र (student) परीक्षाओं में पास हुए हैं. उन्होंने आगे कहा कि जब से आम आदमी पार्टी आप ने दिल्ली में सरकार (Government) बनाई है, 2016 से परिणाम लगातार सुधर रहे हैं. 2016 में 88.9 प्रतिशत, 2018 में यह 90 प्रतिशत था और 2019 में यह 94 प्रतिशत था और इस वर्ष यह 98 प्रतिशत है.

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इन परिणामों के साथ, दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हमारे छात्रों ने दिखा दिया है कि वो किसी से कम बुद्धिमान नहीं हैं. इन परिणामों से पता चला है कि बुद्धि पैसे की गुलाम नहीं है. इन परिणामों ने यह भी दिखाया है कि आर्थिक रूप से कमजोर भी सफलता प्राप्त कर सकते हैं. केजरीवाल ने आगे कहा कि हर व्यक्ति अपने बच्चे के बेहतर जीवन की उम्मीद में शिक्षित करना चाहता है. दिल्ली के मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने आगे कहा कि ये नतीजे इस बात की गवाही देते हैं कि सरकारी स्कूल के शिक्षक निजी स्कूलों की तरह ही अच्छे हैं. उन्होंने कहा कि ये बदलाव हमारे द्वारा नहीं बल्कि शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों द्वारा किए गए हैं. हमने माहौल में बदलाव किया और बच्चों को सीखने और शिक्षकों को सिखाने के लिए उन्हें सुविधाएं प्रदान कीं.

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