Wednesday , 28 October 2020

यूपी में गंभीर होते कोरोना संकट पर प्रियंका ने सीएम योगी को दिए सुझाव, इन पर अमल से संभलेगी स्थिति


लखनऊ (Lucknow) . उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार (Government) पर लगातार हमलावर रहने वाली कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदेश में गंभीर होते कोरोना संकट पर पत्र लिखकर कुछ सुझाव दिए हैं. प्रियंका ने प्रदेश में कम टेस्टिंग, बेड़ों की किल्लत, अस्थाई हॉस्पिटल जैसे सुझाव देते हुए कहा कि सरकार (Government) को प्रचार की बजाय जनता को यह भरोसा दिलाना चाहिए कि उन्हें भगवान भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा.

प्रियंका ने ट्वीट किया, ‘यूपी में कोरोना की रफ्तार बढ़ने के साथ-साथ भयानक दिक्कतें सामने आ रही हैं. बेड की बड़ी किल्लत है. अस्पतालों के बाहर लंबी लाइन लगी है. मौत के आंकड़ें बढ़ रहे हैं. कानपुर, लखनऊ (Lucknow), गोरखपुर, वाराणसी से बदहाली की खबरें आ रही हैं. मैंने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कुछ सुझाव दिए हैं. यूपी सरकार (Government) को हठ छोड़कर एक पारदर्शी और जनहित वाली नीति अपनाने की जरूरत है.

यूपी में नो टेस्ट-नो कोरोना को मंत्र मानकर लो टेस्टिंग पॉलिसी अपनाई जा रही है. यही वजह है राज्य में कोरोना संक्रमण ने भयावह रूप ले लिया है. जब तक टेस्ट नहीं बढ़ाए जाएंगे, तब तक लड़ाई अधूरी रहेगी और स्थिति और भी भयावह होती जाएगी. यूपी में क्वारेंटाइन (Quarantine) सेंटर और अस्पतालों की स्थिति दयनीय है. कई जगहों की स्थिति इतनी खराब है कि लोग कोरोना से कहीं ज्यादा सरकार (Government) की व्यवस्था से डर रहे हैं. यह सरकार (Government) की बड़ी विफलता है. उन्होंने कहा राज्य सरकार (Government) ने दावा किया था कि 1.5 लाख बेड की व्यवस्था है, लेकिन 20 हजार एक्टिव केस आने पर ही बेडों को लेकर मारामारी मच गई है.

अगर अस्पतालों के सामने भयंकर भीड़ है, तो यूपी सरकार (Government) को दिल्ली, मुंबई (Mumbai) की तर्ज पर अस्थाई हॉस्पिटल बनाने चाहिए. चिकित्सा सुविधा पाना हर नागरिक का अधिकार है. देश के प्रधानमंत्री वाराणसी के सांसद (Member of parliament) हैं. रक्षा मंत्री लखनऊ (Lucknow) से तथा कई केंद्रीय मंत्री यूपी से हैं. आखिर वाराणसी, लखनऊ (Lucknow), आगरा (Agra) आदि जगहों पर अस्थाई हॉस्पिटल क्यों नहीं खोले जा सकते? होम आइसोलेशन एक अच्छा कदम है. परंतु इसे भी आनन-फानन में आधा-अधूरा लागू नहीं किया जाना चाहिए. इसे लागू करते वक्त मरीज की मॉनिटरिंग और सर्विलांस को लेकर निर्णय लेना भी जरूरी है.

डीआरडीओ, सेना, पैरामिलिट्री फोर्सेज द्वारा अस्थाई अस्पतालों का संचालन किया जा सकता है. या फिर जरूरत हो तो डीआरडीओ हॉस्पिटल को लखनऊ (Lucknow) लाया जा सकता है. कोरोना का डर दिखाकर पूरे तंत्र में भ्रष्टाचार भी पनप रहा है. जिस पर अगर समय रहते लगाम न लगाई गई, कोरोना से लड़ाई विपदा में बदल जाएगी. उन्होंने कहा कि दिल्ली में स्थापित केंद्रीय सुविधाओं का प्रयोग सीमावर्ती जिलों के लिए भी किया जा सकता है. वहां के अस्पतालों का अधिकतम उपयोग अभी नहीं हो पा रहा है. प्रियंका ने कहा महामारी (Epidemic) के समय में दिए जा रहे सुझाव राजनीति से प्रेरित नहीं हैं. कांग्रेस पार्टी सरकार (Government) को सहायता देने के लिए तैयार है. प्रियंका ने सीएम योगी से निवेदन किया गंभीर होती स्थिति को केवल न्यूज मैनेज करने से नहीं संभाला जा सकता.

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