बीसीसीआई पर आईपीएल रद्द करने का बढ़ा दबाव, गांगुली बोले फिलहाल कुछ कहना संभव नहीं


नई दिल्ली (New Delhi) . दुनिया का सबसे बड़ा खेल आयोजन टोक्यो ओलंपिक-2020 कोविड महामारी (Epidemic) की भेंट चढ़कर एक साल के लिए टल चुका है. अब इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) भी इसी राह चल पड़ा है. देश में 21 दिनों के लॉकडाउन (Lockdown) की घोषणा के बाद बीसीसीआई पर आईपीएल रद्द करने का दबाव बढ़ गया है. बीसीसीआई ने इस माह की शुरुआत में आईपीएल को 15 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया था.

उस समय बोर्ड ने कहा था कि टूर्नामेंट की मेजबानी केवल स्थिति में सुधार होने पर किया जाएगा, लेकिन इसमें सुधार होने की जगह स्थिति और गंभीर हो गई जहां भारत में इस वायरस की चपेट में 500 से ज्यादा लोग आ गए हैं. बीसीसीआई प्रमुख सौरभ गांगुली ने कहा गंभीर स्थिति को देखते हुए उनके पास इस मामले में कहने के लिए कुछ नहीं है. पिछले 10 दिनों में कुछ भी नहीं बदला है. ऐसे में मेरे पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं है.

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किंग्स इलेवन पंजाब के को-ओनर नेस वाडिया ने इस मुद्दे पर ज्यादा साफगोई दिखाते हुए कहा बोर्ड को वाकई आईपीएल को स्थगित करने पर विचार करना चाहिए. एक प्रमुख खेल आयोजन के तौर पर हमें बड़ी जिम्मेदारी के साथ काम करने की जरूरत है. उन्होंने सवाल उठाया मई तक स्थिति अगर सुधरती है, तो क्या आयोजन किया जा सकेगा? फिलहाल विदेशी खिलाड़ियों को आने की अनुमति नहीं है, यह भी आयोजन में बड़ी बाधा साबित होगा.

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इससे पहले मंगलवार (Tuesday) को बोर्ड ने अधिकारियों और फ्रेंचाइजी मालिकों की कॉन्फ्रेंस को स्थगित कर दिया गया था. ग्लैमर और चकाचौंध से भरी आठ टीमों की यह टी20 लीग मूल रूप से 29 मार्च को मुंबई (Mumbai) में शुरू होने वाली थी. लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से बीसीसीआई इस पर अब तक कोई फैसला नहीं कर पा रहा है. बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा अगर ओलिंपिक खेलों को एक साल के लिए स्थगित किया जा सकता है, तो आईपीएल उस लिहाज से बहुत छोटा टूर्नामेंट है. सरकार (Government) ने वीजा देना बंद कर रखा है. वीजा अनुमति मिलने के बाद ही यह आयोजन हो सकता है.

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