लॉकडाउन खत्म होने पर अनुमान जल्दबाज़ी होगा: आईसीएमआर

नई दिल्ली (New Delhi) . कोरोना (Corona virus) से लड़ाई में जो शख्स सबसे अहम है वो भी इस अनुमान का जोखिम लेने की स्थिति में नहीं है कि 21 दिन के लॉकडाउन (Lockdown) को आगे बढ़ाया जाएगा या नहीं? इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) में प्रमुख वैज्ञानिक डॉ रमन गंगाखेडकर एक बात को लेकर पूरी तरह निश्चित हैं कि मौजूदा स्थिति में सोशल डिस्टेंसिंग जैसे उपायों में ढिलाई बरतने की कतई कहीं गुंजाइश नहीं है. डॉ गंगाखेडकर ने मीडिया (Media) को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “मैं समझता हूं कि ये कहना जल्दी होगा कि लॉकडाउन (Lockdown) को आगे जारी रखा जाएगा या नहीं.” डॉ गंगाखेडकर ने निजामुद्दीन मरकज की घटना का उल्लेख किया, जिसने देशभर में कोविड़-19 के कई कलस्टर्स बनने को अंजाम दिया उन्होंने कहा, “शायद हम मौजूदा वक्त में केस की संख्या और बढ़ता देखेंगे. हमें कुछ समय के लिए इंतजार करना होगा. लॉकडाउन (Lockdown) पर आगे क्या फैसला लेना है, ये 14 अप्रैल के पास तय होगा. ये पूछे जाने पर कि एंटी-टीबी शॉट्स (ड्रग) जो भारत में आम हैं, क्या वो कोविड़-19 से बचाव कर सकते हैं, इस पर आईसीएमआर के प्रमुख वैज्ञानिक ने चेताया कि जो इस ड्रग से तपेदिक (टीबी) के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न होती है, पहली बात वो हमेशा के लिए नहीं बनी रहती.

  पाकिस्तान ने फिर किया सीजफायर का उल्लंघन, पुंछ जिले के बालाकोटे सेक्टर में पाकिस्तान ने मोर्टार दागे

डॉ गंगाखेडकर का कहना है कि, “जब आप टीबी टेस्ट कराते हैं, तो आप पाएंगे कि आबादी का छोटा हिस्सा टीबी पॉजिटिव निकलता है. इसका मतलब टीबी से जुड़ी प्रतिरोधक क्षमता धीरे धीरे खत्म हो जाती है.” डॉ गंगाखेडकर ने लोगों को सलाह दी कि ऐसी रिपोर्ट पर संतुष्ट होकर नहीं बैठें जो बीसीजी वैक्सीन को कोविड़-19 बचाव से जोड़ रही हैं. डॉ गंगाखेडकर ने कहा कि गर्मी में कोरोना (Corona virus) संक्रमण कमजोर पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि गर्म और आद्र मौसम वाले देशों से भी केसों की संख्या बढ़ने की रिपोर्ट आ रही हैं. आईसीएमआर के प्रमुख वैज्ञानिक ने कहा, “हमें गर्मी का इस पर असर देखना होगा. मेरे पास इसके लिए कोई प्रमाण होना चाहिए.” उन्होंने साथ ही इस बात पर जोर दिया कि लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन (Lockdown) की गाइडलाइन्स का पूरी तरह से पालन करना चाहिए.

  वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से सेहरी-इफ्तारी पर विवाद, बजरंग दल की सीईओ को हटाने की मांग

डॉ.गंगाखेडकर के मुताबिक वो कोविड़-19 की घटना को चरणों में नहीं बांटना चाहते, लेकिन इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं कि भारत किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि अगर हम स्टेज तीन की बात करें तो भी मेरा यही कहना होगा. सब कुछ संक्रमण के स्रोत्रों को जानने पर टिका है. उन्होंने देश के मेडिकल जगत को भरोसा दिलाया कि फ्रंटलाइऩ मेडिकल स्टाफ के लिए पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट्स) हासिल करने के लिए हर मुमकिन कोशिश की जा रही है. डॉ.गंगाखेडकर ने कहा, “अगर कोशिशों की बात की जाए तो हम अपना सबसे बेहतर कर रहे हैं. डॉ. गंगाखेडकर ने ऐसे संक्रमण पर चिंता जताई जिसमें लक्षण दिखाई नहीं देते. उन्होंने कहा कि बिना लक्षण के संक्रमण वाले लोगों की संख्या ऊंची हो सकती है. इसीलिए हम कह रहे हैं कि फिजीकल डिस्टेंसिंग बहुत ज़रूरी है.

Please share this news