अधिवक्ताओं के लिए बार एसोसिएशन ने की ऑनलाइन वेब सेमिनार

दुर्भावना से किए लोकहित वाद मेंटेनेबल नहीं:- शांतिलाल पामेचा

अधिवक्ताओं के लिए बार एसोसिएशन ने की ऑनलाइन वेब सेमिनार

उदयपुर (Udaipur). *बार एसोसिएशन उदयपुर (Udaipur) द्वारा वैश्विक महामारी (Epidemic) कोरोना (Corona virus) को लेकर चल रहे लोक डाउन के दौरान अपने साथी व सदस्य अधिवक्ता गणों के लिए नियमित रूप से प्रति सप्ताह ऑनलाइन वेब सेमिनार का आयोजन कर रहा है तथा उन्हें घर बैठे विधिक  प्रावधानों का प्रशिक्षण दे रहा है. गुरुवार (Thursday) को बार की तरफ से अधिवक्ताओं के लिए तीसरी वेब प्रशिक्षण का आयोजन किया गया.

बार एसोसिएशन, उदयपुर (Udaipur) के अध्यक्ष एडवोकेट मनीष शर्मा ने बताया कि लाइव ज़ूम मीटिंग की इस श्रृंखला में गुरुवार (Thursday) को *लोकहित वाद – वर्तमान में उसकी जरूरत व उपयोगिता.* विषय पर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता वं सिविल कानून की पैरवी करने वाले शांतिलाल पामेचा ने ऑनलाइन अधिवक्ताओं को विधिवत कानून बारीकियों से अवगत कराया तथा लोकहित वाद और इससे जुड़ी जरूरत और उपयोगिता के संदर्भ में सिविल फौजदारी एवं प्रशासनिक कार्य शक्तियों, क्षेत्राधिकार, उपचार एवं राहत पाने वाले वादियों के संदर्भ में विस्तार से अवगत कराया.

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वरिष्ठ अधिवक्ता शांतिलाल पामेचा ने जनहित याचिका के संदर्भ में सीपीसी की धारा 91 व इसके सब क्लोज, आपराधिक मामलों में सिविल अदालतों से, सीआरपीसी की धारा 133 व इसके के प्रावधान तथा जन उपयोगी मामले में विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम की धारा 22 के तहत इसके प्रावधानों वह इसके माध्यम से स्थाई अदालत मे किए जाने वाले विभिन्न जनहित याचिकाओं उनकी कोर्ट फीस एवं उनसे प्राप्त होने वाले उपचारों के बारे में विस्तार से अवगत कराया.

अपने पूरे सत्र में वरिष्ठ अधिवक्ता शांतिलाल पामेचा ने बताया कि जनहित याचिकाओं में न्यायालय को इस बात से अवगत कराना होता है कि वह न्यायालय में पवित्रता एवं स्वच्छ हस्त व स्वच्छ मन से राहत पाने आया है ना कि दुर्भावना से किसी पक्षकार के विरुद्ध लोकहित वाद कर राहत पाने आया है. इस दौरान एडवोकेट पामेचा ने देश में जनहित याचिकाओं से हुए बड़े-बड़े न्यायिक दृष्टांत के बारे में भी विस्तार से बताया.

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ओपन सत्र में हुए सवाल जवाब

वैब कार्यशाला में भाग लेने वाले सैकड़ों प्रतिभागियों में से मावली के सी पी गोस्वामी कुणाल जैन महेंद्र नागदा दुर्गा सिंह शक्तावत विनीता पालीवाल सहित कई अधिवक्ताओं ने सवाल किए जिस पर वरिष्ठ अधिवक्ता पामेचा ने जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया.

वेब सेमिनार का संचालन अधिवक्ता श्रीमती अदिति मोड ने किया. धन्यवाद सचिव राजेश शर्मा ने अदा किया. ऑनलाइन सेमिनार में एडवोकेट जितेंद्र लिखारी हरीश पालीवाल प्रेम सिंह पवार बीएल लोढ़ा कमलेश दवे राकेश मोगरा जितेंद्र जैन अनिल असलिया रचना चौधरी मीणा देवड़ा तुषार मोड़ यशवंत मेनारिया प्रवीण पुरोहित सहित सैकड़ों अधिवक्ताओं विधि छात्र-छात्राओं ने भाग लिया.

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दो कार्यशाला हो चुकी पहले

इससे पहले साइबर क्राइम विशेषज्ञ एडवोकेट निशित दीक्षित ने साइबर लॉ कानून एवं साइबर सिक्योरिटी की जागरूकता विषय पर एवं विशिष्ट न्यायाधीश (judge) पोस्को दो अरविंद त्यागी ने उसको मामले में चिकित्सा फोरेंसिक साक्षी की रिकॉर्डिंग एवं आयु निर्धारण विषय पर ऑनलाइन सेमिनार ली थी.

यूट्यूब पर देख सकते हैं वंचित अधिवक्ता

बार एसोसिएशन उदयपुर (Udaipur) द्वारा लोकहित वाद वर्तमान में उसकी जरूरत व उपयोगिता ” विषयक ऑनलाइन सेमिनार को जो  श्रोतागण अधिवक्तागण सेमिनार को सुनने से वंचित रह गए हैं वह इस सेमिनार को यूट्यूब पर भी सुन सकते है.

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