Wednesday , 28 October 2020

हिमाचल में लॉकडाउन के 3 महीने में करीब 200 लोगों ने की आत्महत्या !


-मानसिक तनाव, बेरोजगारी, डिप्रेशन, सिजोफ्रेनिया, नशा बढ़ रहा लोगों की परेशानी

शिमला (Shimla) . कोरोना काल में लाकडाउन के दौरान मानसिक तनाव, बेरोजगारी तथा कुछ अन्य कारणों से लोग आत्महत्या (Murder) जैसे आत्मघाती कदम उठा रहे हैं. हालात यहा हैं कि हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में 2020 में छह महीने में कुल 237 सुसाइड केस रिपोर्ट हुए हैं. अकेले दो महीनों अप्रैल और मई में 136 लोगों ने सुसाइड किया है. जून के आंकड़ें आना बाकी है. यानी दो माह में औसतन रोजोना दो लोगों ने जान दी है.

ऐसे में अगर जून में अनुमान लगाया जाए तो तीन महीने में 200 के करीब लोगों ने अपनी जान दी है. अकेले मई में 81 खुदकुशी के मामले सामने आए. आत्महत्या (Murder) करने वालों में 75 पुरुष और 46 महिलाएं शामिल हैं. सबसे अधिक केस 54 कांगड़ा जिले में रिपोर्ट हुए हैं. इसके बाद मंडी में 43, शिमला (Shimla) में 23, सिरमौर में 20, कुल्लू में 15, ऊना में 21, सोलन में 13, बिलासपुर (Bilaspur) में 14, चंबा में 6, किन्नौर में पांच और बद्दी में 7 सुसाइड केस आए हैं.

विशेषज्ञ मानते हैं कि लॉकडाउन (Lockdown) में कई तरह की दिक्कतें सामने आई हैं. आत्महत्या (Murder) करने वालों में 80 से 90 फीसदी मानसिक रोग से पीड़ित होते हैं. ऐसे रोगियों में डिप्रेशन, सिजोफ्रेनिया, मूड डिसऑर्डर, नशा भी एक कारण है. ब्लैक ब्लेंकेट एजुकेशन सोसायटी की ओर से किए गए सर्वे के अनुसार, 2010 से 2016 तक प्रदेश में खुदकुशी करने वाले मामलों में बढ़ोतरी हुई है. बीते दस साल में 5000 लोगों ने हिमाचल में सुसाइड किया है. 2016 में 642 लोगों ने अपनीजीवन लीला समाप्त की. वहीं, 2014 में 644 लोगों ने सुसाइड किया. इस तरह औसतन हर साल पांच सौ से अधिक लोग हिमाचल में सुसाइड कर रहे हैं.

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