जीवन जीना मरने से ज्यादा कठिन : टायसन


न्यूजर्सी . पूर्व हैवीवेट चैम्पियन माइक टायसन अब पहले जैसे आक्रामक नहीं रह गये हैं. टायसन समय के साथ ही बदल गये हैं. एक दौर ऐसा भी था जब टायसन उससे मुकाबला करने वाले मुक्केबाजों पर मौत की तरह बरस जाते थे. टायसन रिंग में विरोधी मुक्केबाज को पलक झपकते ही हरा देते थे. रिंग में टायसन का सामना करने वाले मुक्केबाजों को सामने मौत ही नजर आती थी. अब टायसन ने कहा है कि उन्हें मौत से डर नहीं लगता और वह उसका इंतजार कर रहे हैं. अब तक के अनुभवों से उन्हें अहसास हो गया है कि जीवन जीना मरने से ज्यादा कठिन है, इसमें आपको हमेशा ही संघर्ष करना पड़ता है.

अब अपने अनुभव और विश्वास के आधार पर मैं कहा सकता हूं कि जितना अधिक मुझे वजूद न होने के मायने पता चलते हैं, उतना ही अधिक मेरा मर जाने का मन करता है. टायसन केवल 20 साल की उम्र में हैवीवेट चैंपियन बन गये थे. अब 53 साल के हो गये टायसन ने कहा था कि वो दिन अब चले गए. मैं अब कुछ भी नहीं हूं. मैं विनम्रता से जीना सीख रहा हूं. यही वजह है कि मैं रो रहा हूं क्योंकि मैं अब वो इंसान नहीं हूं जो मैं हुआ करता था. मैं उस वक्त को याद करता हूं.

टायसन ने कहा कि जीवन लगातार चलने वाला संघर्ष है. बेशक, मुझे मौत से डर नहीं लगता. मेरे हिसाब से मौत से ज्यादा जीना ज्यादा जटिल है. मैं नहीं जानता कि ये सच है या नहीं लेकिन जीने के लिए आपको बहुत साहस की जरूरत होती है. बिना साहस के आप नहीं जी सकते. भावुक टायसन ने कहा, जीना एक सफर है, संघर्ष है. लोगों के पास सब कुछ होता है, लेकिन फिर भी वो संघर्ष करते हैं. हम खुद को बहुत अधिक गंभीरता से लेते हैं. हम सोचते हैं कि हम कुछ हैं, हम खास हैं. जबकि सच्चाई यही है कि हम कुछ नहीं हैं.

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