झारखंड- शिवालयों में पुलिस के कड़े पहरे के बाद भी उमड़ा श्रद्धालुओं का जन सैलाब


रांची (Ranchi) . कोरोनाकाल में आए श्रावण के प्रथम सोमवार (Monday) पर देशभर में पुलिस (Police) के कड़े पहरे के बाद भी शिवालयों में श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ा भक्त भगवान शिव की पूजा के लिए मंदिरों में पहुंच रहे हैं. झारखंड के सभी प्रमुख शिव मंदिरों में पुलिस (Police) का कड़ा पहरा है. देवघर स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम के अलावा दुमका के वासुकिनाथधाम, रांची (Ranchi) के पहाड़ी मंदिर और खूंटी के बाबा आम्रेश्वर धाम मंदिर में बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है. प्रशासन की ओर से इन मंदिरों के लिए ऑनलाइन वर्चुअल पूजन दर्शन की व्यवस्था की गई है. बावजूद इसके कुछ श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं और एंट्री नहीं मिलने की वजह से बाहर ही बाबा भोलेनाथ को जल अर्पित करके वापस लौट रहे हैं.

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राजधानी रांची (Ranchi) स्थित पहाड़ी मंदिर जाने वाले सभी रास्तों में पुलिस (Police)-प्रशासन की ओर से बैरिकेडिंग की गई है. इस बीच सावन के पहले सोमवार (Monday) पर कुछ भक्त तमाम प्रचार-प्रसार के बाद भी पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे. उन्हें प्रशासन ने समझा-बुझा कर वापस घर भेज दिया गया. इसके साथ ही उन्हें घर से ही ऑनलाइन दर्शन की सलाह भी दी गई. वहीं रांची (Ranchi) में पहाड़ी मंदिर पहुंचे कई भक्तों ने मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं मिलने पर बाहर ही पूजा-अर्चना करते नजर आए. श्रद्धालुओं ने बाहर से भी भगवान शिव को जल अर्पित किया. दरअसल, झारखंड सरकार (Government) ने कोरोना (Corona virus) के बढ़ते मामलों को देखते हुए 31 जुलाई तक लॉकडाउन (Lockdown) बढ़ा रखा है, ऐसे में मंदिरों में एंट्री पर रोक लगाई गई है.

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बाबा बैद्यनाथधाम में जलाभिषेक के लिए बिहार (Bihar)के सुल्तानगंज से श्रद्धालु पैदल गंगाजल लेकर बाबा भोलेनाथ पर जलाभिषेक के लिए आते हैं. जानकारी के अभाव में रविवार (Sunday) रात को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु झारखंड की सीमा में प्रवेश के लिए दुम्मा द्वार पर पहुंचे, लेकिन वहां पहले से ही बैरिकेडिंग लगा कर रखी गई थी, जिस कारण वो गेट पर ही जलार्पण कर वापस लौट गए. हालांकि, कुछ श्रद्धालुओं मंदिर जाने की अनुमति नहीं मिलने पर पत्थरबाजी शुरू कर दी, बाद में लोगों को समझा कर वापस भेजा गया. वहीं शिवगंगा में स्नान पर भी पूर्ण रोक लगा दी गई है और चारों ओर से घेराबंदी की गई है. बाबा बैद्यनाथधाम में पूजा अर्चना करने वाले श्रद्धालु दुमका स्थित वासुकिनाथ धाम मंदिर में भी जलाभिषेक करते हैं, लेकिन यहां भी मंदिर में प्रवेश पर रोक है. इस बार ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था की गई है. वहीं कोरोना संकट के कारण खूंटी के प्रसिद्ध बाबा आमरेश्वरधाम में भी इस बार सावन के महीने में आम भक्तों को पूजा की अनुमति नहीं है. मंदिर प्रबंधन समिति के मुताबिक सुबह छह बजे और शाम साढ़े सात बजे मंदिर के पुजारी मंदिर में आरती करेंगे. जिसका सोशल मीडिया (Media) पर लाइव प्रसारण किया जा रहा है.

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