मास्क 80 फीसदी कर देता है, कोरोना से बचाव घर में बना सकते हैं तीन परत वाला मास्क

भोपाल (Bhopal) . तीन परत वाला मास्क कोरोना (Corona virus) के संक्रमण से 80 फीसद तक बचाता है. हां, मास्क मापदंडों के अनुसार हो और इसे सही तरीके से पहना जाए. तीन परत वाले सर्जिकल मास्क पहन सकते हैं या घर में साफ कपड़े से तीन परत वाला मास्क बना सकते हैं. सर्जिकल मास्क को एक बार उपयोग करने के बाद जला दें या जमीन में गाड़ दें. इसे आठ घंटे तक लगा सकते हैं. कपड़े का मास्क रोज धोकर और सैनिटाइज कर पहन सकते हैं. एन-95 मास्क सिर्फ चिकित्साकर्मियों के लिए है. इसे आम लोग न पहनें. आम लोगों के उपयोग से मांग इतनी बढ़ जाती है कि चिकित्साकर्मियों को मास्क मिलने में मुश्किल आती है.

मास्क के उपयोग के अलावा दूसरों से दो गज (छह फीट) की दूरी रखें. डाक्टर्स की माने तो सार्वजनिक जगहों पर किसी भी सतह को छूने से बचें. हाथ न मिलाएं, न ही गले मिलें. बाहर की कोई चीज छूते हैं तो हाथ को साबुन से कम से कम 40 सेकंड तक धोएं. हाथ धोने की सुविधा न हो तो 60 फीसद से ज्यादा एल्कोहल वाला सैनिटाइजर (Sanitizer) उपयोग करें. एक्सपर्ट की माने तो मास्क के ऊपर हाथ न लगाएं. ऐसा करने पर मास्क की सतह पर चिपके वायरस हाथ में लग जाते हैं, जो मास्क निकालने के बाद संक्रमण की वजह बनते हैं. सर्जिकल मास्क गीला होने पर बचाव नहीं करता.

कई लोग मास्क लगाने के बाद उसे नाक से नीचे कर लेते हैं, जिससे बचाव नहीं हो पाता. मास्क लगाने के बाद उसे अच्छी तरह से लॉक कर लें.कोरोना (Corona virus) का संक्रमण रोकना चिकित्सा जगत के सामने सबसे बड़ी चुनौती इसलिए है, क्योंकि अभी इसकी कोई वैक्सीन नहीं आई है. हमें कोरोना के साथ ही जीना है, इसलिए अपनी आदतों में कुछ अहम बदलाव करने की जरूरत है. सबसे जरूरी है मास्क पहनना.

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