सड़क पर दूध गिरकर गौ पालकों ने किया ममता सरकार का विरोध


कोलकाता (Kolkata) . कोरोना के कारण घोषित लॉकडाउन (Lockdown) के चलते छोटे-बड़े सभी कारोबार चौपट हो गए हैं.इसके बाद सभी ममता सरकार (Government) के खिलाफ अपना आक्रोश प्रकट कर रहे हैं. कुछ इसी तरह का नजारा पश्चिम बंगाल (West Bengal) के आसनसोल में देखने को मिला. जिले के बाराबानी इलाके में गौपालकों ने सड़क पर दूध गिराकर विरोध-प्रदर्शन किया.गौ पालकों ने ममता बनर्जी सरकार (Government) से मदद की गुहार लगाई है.

शनिवार (Saturday) सुबह के आसनसोल के बाराबानी में बड़ी संख्या में गौ पालक ने एकत्र होकर सरकार (Government) के खिलाफ अपना आक्रोश प्रकट किया. इस दौरान गौ पालकों ने सड़क पर दूध गिराकर सरकार (Government) के खिलाफ नारेबाजी की. गौ पालकों ने कहा कि लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से दूध नहीं बिक रहा,इसकारण वहां जानवरों को नहीं खिला पा रहे हैं. एक गौ पालक ने बताया कि हमारी मांग है कि सरकार (Government) हमारी गाय, भैंस के लिए चारे की व्यवस्था करे. लॉकडाउन (Lockdown) के चलते उनके भूखों मरने की नौबत आ गई है,इसके बाद जब दूध नहीं बिक रहा है,तब वह अपना और जानवरों का पेट कैसे भरें.

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बता दें कि लॉकडाउन (Lockdown) के जारी रहने का संकेत देकर पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री (Chief Minister) ममता बनर्जी ने एक जून से धार्मिक स्थलों को खोलने और जून के दूसरे हफ्ते से 70 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ राज्य सरकार (Government) के कार्यालयों में कामकाज शुरू करने जैसे कई तरह की छूट देने की शुक्रवार (Friday) को घोषणा की. लॉकडाउन (Lockdown) के चौथे चरण के दो दिन पहले की गई घोषणा का मकसद प्रमुख संस्थानों में रोजाना के कामकाज को सामान्य बनाने का है. हालांकि, राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण विपक्षी भाजपा और माकपा ने आलोचना करते हुए फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की थी.

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