लॉकडाउन की अवधि में प्रभावी राशन वितरण व्यवस्था के निर्देश जारी, जरूरतमंद तक तत्काल खाद्य सामम्री पहुंचाने के निर्देश

शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में संयुक्त टीम का गठन

उदयपुर (Udaipur). विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) तथा संयुक्त राष्ट्र द्वारा (कोरोना (Corona virus)) संक्रमण को वैश्विक महामारी (Epidemic) घोषित करने पर राज्य सरकार (Government) की ओर से 31 मार्च तक लॉकडाउन (Lockdown) घोषित किया गया है. इस अवधि में आमजन के खाद्य सुरक्षा हेतुं आमजन को खाद्य सामग्री की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की करने के लिए राज्य सरकार (Government) द्वारा प्रदŸा निर्देशों की पालना में जिला कलक्टर (District Collector) एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती आनन्दी ने एक आदेश जारी आवश्यक निर्देश दिए है.

शहरी क्षेत्र के लिए संयुक्त टीम का गठन

आदेशानुसार उदयपुर (Udaipur) शहरी क्षेत्र के प्रत्येक भाग संख्या (विधानसभा) हेतु बूथ लेवल आफिसर, बीट कॉस्टेबल एवं नगरपालिका/नगर निगम के कार्मिक की एक संयुक्त टीम बनायी गई है. इसके नामजद आदेश उदयपुर (Udaipur) शहर हेतु अतिरिक्त जिला कलक्टर (District Collector) (शहर) एवं शेष नगरपालिकाओं हेतु संबंधित उपखण्ड अधिकारी द्वारा जारी किये जायेंगे. इन दलों की निगरानी एवं पर्यवेक्षण हेतु अतिरिक्त जिला कलक्टर (District Collector) (शहर), आयुक्त, नगर निगम, उपखण्ड अधिकारी गिर्वा एवं प्रवर्तन अधिकारी (रसद) का संयुक्त दल उदयपुर (Udaipur) शहर हेतु बनाया गया है. शेष नगरपालिका क्षेत्रों के लिए संबंधित उपखण्ड अधिकारी, अधिषाशी अधिकारी, नगरपालिका, तहसीलदार एवं प्रवर्तन निरीक्षक (रसद) का संयुक्त दल गठित किया गया है.

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ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संयुक्त दल का गठन

ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत स्तर पर इस व्यवस्था हेतु पंचायत प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में पटवारी, ग्रामसेवक, आशा, अंागनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वच्छकर्मी एवं बीट कॉंस्टेबल का संयुक्त दल गठित किया गया है. इसके नामजद आदेश उपखण्ड अधिकारी अपने स्तर पर जारी करेंगे. इनसे संयुक्त रूप से अथवा पृथक-पृथक जैसे भी सूचना प्राप्त हो, उस पर कार्यवाही की जानी है. इस दल की निगरानी एवं पर्यवेक्षण हेतु ग्रामीण क्षेत्र के लिए उपखण्ड स्तर पर उपखण्ड अधिकारी, विकास अधिकारी, तहसीलदार, प्रवर्तन निरीक्षक (रसद) का संयुक्त दल गठित किया जाता है.

जरूरतमंद को तत्काल खाद्य सामग्री देने के निर्देश:

कलक्टर ने बताया है कि इन दलों की प्राथमिक जिम्मेदारी यह रहेगी कि उनके क्षेत्र में किसी भी जरूरतमन्द व्यक्ति को खाद्य पदार्थ के अभाव में जीवन निवर्हन की परेशानी नहीं हो. इसके लिए सभी उपखण्ड स्तरीय समितियों को राशन के पैकेट उपलब्ध कराये जायेंगे. जिसको वो पंचायतों के दलों के पास स्टॉक में रखवायेंगे. इसके लिये समस्त दल अपने क्षेत्र में निरन्तर निगरानी रखेंगे एवं किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति की जानकारी प्राप्त या चिन्हीकरण होते ही उसको तत्काल खाद्य सामग्री उपलब्ध करवायी जाएगी. चिन्हीकरण होने पर एक रजिस्टर का भी संधारण किया जावेगा. जिसमें उन व्यक्तियों का नाम एवं विवरण दर्ज किया जावेगा. इसके लिए ज्यादा कागजी कार्यवाही की अपेक्षा राहत पॅंहुचानें की प्राथमिकता रहेगी.

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आपातकाल में मीड डे मील में रखे स्टॉक का होगा उपयोग

कलक्टर ने बताया कि प्रत्येक स्कूल के मीड डे मील में रखे स्टॉक का भी उपयोग आपातकाल स्थिति में करने हेतु ग्राम पंचायत स्तरीय या बूथ स्तरीय एवं उपखण्उ स्तरीय समिति को अधिकृत किया जाता है. कलक्टर ने बताया कि प्रत्येक ऑंगनवाडी कार्यकर्ता 0-6 वर्ष के बच्चों को टेक-होम, पौषाहार उनके घर पर ही पॅंहुचाना सुनिश्चित करेगी.

राशन डीलर्स के लिए निर्देश

कलक्टर ने बताया कि प्रत्येक राशन डीलर एक अलग स्टॉक रजिस्टर दान-दाताओं से प्राप्त सहयोग हेतु संधारित करेंगें तथा स्थानीय लोगों से दान प्राप्त कर इसमें इन्द्राज करेंगें तथा जरूरतमंदों को ग्राम/ग्राम पंचायत स्तरीय समिति के निर्देशानुसार तत्काल उपलब्ध करवायेंगे. राशन डीलर के पास उपलब्ध रिजर्व स्टॉक भी इस हेतु उपयोग किया जा सकता है.

बनेगा नियंत्रण कक्ष

प्रत्येक उपखण्ड अधिकारी इस हेतु एक नियंत्रण कक्ष की स्थापना करेंगें. यदि पूर्व में कार्यरत नियंत्रण कक्ष का उपयोग किया जाता है तो रसद व्यवस्था हेतु पृथक से कार्मिक लगायेंगें जो अलग रजिस्टर भी संधारित करेंगें. जिला स्तर पर कन्ट्रोल रूम में ऐसी ही व्यवस्था की जावेगी. इस हेतु जिला रसद अधिकारी पृथक से कार्मिक लगायेंगें.

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जनप्रतिनिधियों को ले सहयोग

कलक्टर ने कहा है कि प्रत्येक उपखण्ड अधिकारी अपने क्षेत्र के विधायक, विधायक अभ्यर्थी, पूर्व प्रधान, पूर्व पंचायत समिति एवं जिला परिषद सदस्यों, नगर पालिका अध्यक्षों, वार्ड पार्षदों सहित समस्त जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लेंगे तथा इस हेतु समय-समय पर उसके साथ बैठक करेंगे तथा उनके सम्पर्क में रहेंगे. बैठक में एक मीटर की दूरी पर बैठक व्यवस्था के साथ ही चिकित्सा विभाग के दिशा निर्देशों का ध्यान रखा जाए. जिला स्तर पर जिला रसद अधिकारी समग्र रसद व्यवस्था के प्रभारी एवं समन्वय अधिकारी रहेंगें. खाद्य सामग्री वितरण व्यवस्था को प्रभावी बनाने हेेतु कोई अन्य आदेश निकालना होगा तो अपने स्तर से जारी कर सकेंगे. राज्य सरकार (Government) की मंशा अनुसार यह सुनिश्चित हो कि इस विकट महामारी (Epidemic) के समय में एक भी व्यक्ति को आर्थिक अभाव के कारण खाद्य सामग्री की उपलब्धता की कमी नहीं आयें.

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