पूरे भारत में 152 ‘लाइफलाइन उड़ानों’ ने 200 टन से अधिक चिकित्सीय सामग्री पहुंचाई


नई दिल्ली (New Delhi) . नागरिक उड्डयन मंत्रालय ऑनलाइन बैठकों और वर्चुअल वॉर रूम के माध्यम से अग्रिम तौर पर योजनाएं बना रहा है, ताकि आवश्‍यक वस्‍तुओं के आपूर्ति पक्ष को उनके मांग पक्ष से जोड़ने में कोई भी कसर न रह जाए और इसके साथ ही कोविड-19 (Kovid-19) के खिलाफ लड़ाई में विमानन क्षेत्र के विभिन्न संसाधनों का इष्‍टतम उपयोग किया जा सके.

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नागरिक उड्डयन मंत्रालय पूरे दिन की योजना बनाने और पिछले दिन किए गए कार्य की प्रगति की समीक्षा करने के लिए हर दिन प्रात: 8 बजे चिंतन बैठक आयोजित करता है. इसके अलावा, हर दिन अपराह्न 3 बजे मंथन बैठक आयोजित की जाती है, ताकि पूरे दिन के लिए बनाई गई योजना के कार्यान्‍वयन की समीक्षा करने के साथ-साथ यह भी पता लगाया जा सके कि क्या किसी भी स्तर पर कोई संशोधन करने की आवश्यकता है. इस बैठक में संसाधनों की आवश्यकता के आकलन और वितरण के लिए आगे की योजना भी बनाई जाती है.

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नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ‘लाइफलाइन उड़ान’ पहल के तहत दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों सहित भारत के विभिन्न हिस्सों में चिकित्सीय सामग्री (मेडिकल कार्गो) को ले जाने के लिए देश भर में अब तक 152 कार्गो या मालवाहक उड़ानों का संचालन किया गया है. एयर इंडिया, एलायंस एयर, आईएएफ और निजी एयरलाइंस के सहयोग से लॉकडाउन (Lockdown) अवधि के दौरान अब तक 200 टन से भी अधिक चिकित्सीय सामग्री की आपूर्ति की है.

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