Thursday , 24 September 2020

कोरोना का असर : ब्राह्मणों ने ऑनलाइन धारण की नई जनेऊ


अहमदाबाद (Ahmedabad) . रक्षाबंधन के पवित्र असर पर ब्राह्मण पुरानी जनेऊ त्यागकर नई जनेऊ धारण करते हैं. ज्यादातर ब्राह्मण समूह में नया जनेऊ धारण करते हैं. लेकिन इस साल कोरोना संकट के कारण ब्राह्मणों ने ऑनलाइन पुरानी जनेऊ त्याग नई जनेऊ धारण की. समस्त ब्रह्म समाज मातृ संस्था के तत्त्वावधान में राज्य के अलग अलग जगह पांच हजार से ज्यादा ब्राह्मणों ने जनेऊ बदला.

कोरोना जैसी वैश्विक महामारी (Epidemic) के कारण झूम एप्लिकेशन से राज्य के विभिन्न हिस्सों में ब्राह्मणों ने नई जनेऊ धारण की. इस वर्ष भद्रा योग होने से सुबह 9.25 बजे यज्ञोपवीत विधि शुरू हुई करीब 11.25 बजे पूर्ण हुई. गौरतलब है हिन्दू धर्म में 16 संस्कार बताए गए हैं. उन्हीं से एक ही यज्ञोपवीत संस्कार. वर्तमान में यह संस्कार केवल ब्राह्मणों में किया जाता है. इस संस्कार में 10 साल से कम आयु के ब्राह्मण बालकों को जनेऊ धारण करवाई जाती है. यह सूत से बना पवित्र धागा है, जिसे बाएं कंधे के ऊपर तथा दाईं भुजा के नीचे पहना जाता है. जनेऊ पहनने से कई तरह की बीमारियों से बचाव होता है.

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