आईआईटी गुवाहाटी अपने यहां ऐसा सेंटर बनाएं जो प्राकृतिक आपदाओं के बचाव के उपाय निकालें : मोदी

नई दिल्ली (New Delhi) . आईआईटी गुवाहाटी के वर्चुअल दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (Tuesday) कहा कि छात्रों के लिए ये कार्यक्रम नया अनुभव है क्योंकि कोरोना के कारण काफी कुछ बदल गया है. पीएम ने कहा कि पूर्वोत्तर देश के लिए काफी अहम है, ऐसे में छात्रों की रिसर्च यहां नए रास्ते खोल सकती है. प्रधानमंत्री ने कहा कि ज्ञान लेने के लिए कोई सीमा नहीं होती है, अब देश में भी विदेशी यूनिवर्सिटी के कैंपस भी खुलेंगे. ताकि भारत के छात्रों को बाहर जाने की जरूरत ना पड़े. पीएम मोदी ने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि आपने इस क्षेत्र में वक्त बिताया है, ऐसे में अपनी रिसर्च में यहां की समस्याओं को दूर कीजिए. सोलर एनर्जी से टूरिज्म इंडस्ट्री समेत अन्य क्षेत्रो में आपको काम करना चाहिए.

पीएम मोदी ने आईआईटी गुवाहाटी से अपील करते हुए कहा कि आप अपने यहां एक सेंटर बनाएं जो प्राकृतिक आपदाओं को लेकर काम करे और बचाव के उपाय निकालें. स्थानीय रिसर्च के साथ-साथ ग्लोबल टेक्नोलॉजी का भी ध्यान रखना जरूरी है. प्रधानमंत्री ने कहा कि जब आप यहां आए और अब जब आप कोर्स पूरा कर रहे हैं तो आपके अंदर एक नया बदलाव देख रहे होंगे. पीएम ने कहा कि देश का भविष्य युवाओं पर निर्भर है, इसलिए ये वक्त भविष्य की तैयारी करने का है. पीएम ने बताया कि आईआईटी गुवाहाटी ने कोरोना से जुड़ी किट्स डेवलेप करने का काम किया.

पीएम मोदी बोले कि आत्मनिर्भर भारत के लिए शिक्षा का महत्व है, इसलिए सरकार (Government) नई शिक्षा नीति लाई है. ये नीति युवाओं के लिए है ताकि देश वर्ल्ड लीडर बन सके. पीएम ने कहा कि सरकार (Government) की कोशिश बच्चों पर कम दबाव बनाने की है, साथ ही डिजिटल शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है. इस बार दीक्षांत समारोह पूरी तरह से डिजिटल तरीके से आयोजित हो रहा है. दीक्षांत समारोह के लिए, स्नातक की उपलब्धियों का वर्चुअल मोड के माध्यम से ऑनलाइन जश्न मनाने के लिए, संस्थान ने वास्तविकता-आधारित एक वर्चुअल पुरस्कार वितरण तैयार किया गया है.

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