नोटबंदी और लॉकडाउन के दौरान जिन्होंने प्राण गंवाए उन्हें कैसे जीवित किया जाएगा?


मुंबई (Mumbai) . राजग सरकार (Government) के दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पर भाजपा पर कटाक्ष करते हुए शिवसेना ने कहा कि 2016 की नोटबंदी और लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान जिन्होंने नाहक प्राण गंवाए उन्हें कैसे जीवित किया जाएगा? शिवसेना ने कहा कि गलत तरीके से किया गया लॉकडाउन (Lockdown) और प्रवासी श्रमिकों के मामले 1947 की आजादी के दौरान शरणार्थियों की याद दिलाते हैं.

शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में संपादकीय में कहा है, ‘मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं ये देश का भाग्य है. वह देश और यहां के मुद्दों को समझते हैं. वह सक्षम नेता हैं और कोई भी ऐसा नेता नहीं है जो उनके सामने टिक सके.’ इसमें कहा गया है कि मोदी ने प्रधानमंत्री के तौर पर कुछ अच्छे फैसले किए हैं, लेकिन 60 साल में जिस तरह कुछ गलतियां हुई, उसी तरह (राजग सरकार (Government) के) छह साल में भी गलतियां हुई.

  गुजरात में कोरोना का कहर यथावत, अब तक 34686 मामले, 1906 मौतें

शिवसेना ने पूछा, ‘इन गलतियों को कौन ठीक करेगा? भारत

संपादकीय में कहा गया, ‘अगर भाजपा के नेताओं की मानें तो हमारे देश का इतिहास केवल छह-सात वर्षों का है. ऐसा लगता है कि इससे पहले यह देश नहीं था. कोई स्वतंत्रता संग्राम नहीं था, तब का संघर्ष और बलिदान केवल भ्रम था. देश की सामाजिक, वैज्ञानिक, चिकित्सा, औद्योगिक क्रांति आदि सभी झूठ हैं.’ हालांकि, शिवसेना ने कहा कि मोदी ने जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को खत्म कर, एक बार में तीन तलाक की प्रथा हटा कर और अयोध्या में राम मंदिर (Ram Temple) का निर्माण शुरू कराकर पूर्व की कुछ गलतियों को ठीक किया.

  एक लाख का इनामी पूर्व सपा विधायक अशरफ गिरफ्तार

शिवसेना के अनुसार सावरकर का अपमान करने की गलती पिछले साठ वर्षों में जरूर हुई, लेकिन, इस गलती को सुधारने के लिए सावरकर को भारत रत्न देने का फैसला पिछले छह वर्षों में क्यों नहीं हुआ.

Please share this news