37 साल में पहली बार लोक डाउन में अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट बेंच को लेकर धरना किया स्थगित

उदयपुर (Udaipur). उदयपुर (Udaipur) में राजस्थान उच्च न्यायालय की खंडपीठ की स्थापना की मांग को लेकर  मंगलवार (Tuesday) को  पहली बार 37 सालों में अधिवक्ताओं ने अपना धरना प्रदर्शन सरकार (Government) की एडवाइजरी एवं लोक डाउन की पालना में स्थगित कर उनके दिशा निर्देशों की पालना की है. यह इतने सालों में पहला ऐसा अवसर है जब अधिवक्ता अपनी इस जायज मांग को लेकर घरों में ही रहे और वहीं से इस मांग के प्रति अपना संकल्प दोहराया.

अधिवक्ताओं ने ऑनलाइन  सोशल मीडिया (Media) के जरिए अपना मत एवं समर्थन व्यक्त किया तथा सरकार (Government) की एडवाइजरी के तहत अपने घरों में सुरक्षित रहते हुए हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर स्वरचित स्लोगन सोशल मीडिया (Media) के विभिन्न पेज एवं ग्रुप में पोस्ट कर अपना समर्थन व्यक्त किया.

उल्लेखनीय है कि मेवाड़ हाई कोर्ट बेंच संघर्ष समिति, उदयपुर (Udaipur) बार एसोसिएशन उदयपुर (Udaipur) एवं जिला हाई कोर्ट बेंच संघर्ष समिति की ओर से उदयपुर (Udaipur) संभाग में आम आदमी एवं अधिवक्ताओं की इस जायज मांग को लेकर अधिवक्ता प्रतिमाह 7 तारीख को जिला एवं न्यायालय परिसर में धरना एवं प्रदर्शन कर राजस्थान के राज्यपाल राज्य के मुख्यमंत्री (Chief Minister) एवं राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीपति को अपनी मांग का ज्ञापन जिला कलेक्टर (Collector) के माध्यम से प्रेषित करते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) द्वारा महामारी (Epidemic) के रूप में घोषित कोरोना (Corona virus) संक्रमण से बचने के लिए विगत 17 दिनों से सरकार (Government) द्वारा जारी एडवाइजरी के तहत लॉक डाउन में अधिवक्ता अपने घरों में रह रहे हैं.

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 प्रति माह की 7 तारीख के तहत मंगलवार (Tuesday) को मेवाड़ वागड़ हाई कोर्ट बेंच संघर्ष समिति के संयोजक रमेश नंदवाना, बार एसोसिएशन उदयपुर (Udaipur) के अध्यक्ष मनीष शर्मा एवं जिला संघर्ष समिति के संयोजक सत्येंद्र पाल सिंह छाबड़ा के आह्वान पर समस्त अधिवक्ताओं ने अपने-अपने घरों से सोशल मीडिया (Media) के जरिए फेसबुक पर बने मेवाड़ वागड़ हाई कोर्ट बेंच संघर्ष समिति पेज एवं व्हाट्सएप पर बने मेवाड़ वागड़ हाई कोर्ट बेंच ग्रुप में अपने इस चाहे मांग का समर्थन करते हुए स्वरचित स्लोगन पोस्ट किए. अधिवक्ताओं ने वीडियो कॉल के जरिए भी एक दूसरे से संपर्क कर आज के दिन इस जायज मांग पर एक दूसरे से संवाद किया तथा अपना मत व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया (Media) पर आ रहे तमाम समर्थन अधिवक्ताओं द्वारा स्वरचित स्लोगन पोस्ट किए. सोशल मीडिया (Media) पर आए तमाम  स्लोगन को लॉक डाउन समाप्ति के पश्चात बार एसोसिएशन की ओर से संग्रहित किया जाएगा तथा श्रेष्ठ 5 स्लोगन अथवा कविता को बार एसोसिएशन की ओर से सम्मानित किया जाएगा.

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 सोशल मीडिया (Media) पर मेवाड़ वागड़ हाई कोर्ट बेंच संघर्ष समिति के महासचिव रामकृपा शर्मा, पूर्व महासचिव शांतिलाल पामेचा, बार एसोसिएशन के महासचिव चक्रवर्ती सिंह राव, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी उपाध्यक्ष नीलांष द्विवेदी, सचिव राजेश शर्मा, वित्त सचिव पृथ्वीराज तेली, पुस्तकालय सचिव धीरज व्यास, एडवोकेट हरीश पालीवाल, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण खंडेलवाल, महेंद्र नागदा, पूर्व महासचिव हेमंत जोशी सहित सैकड़ों अधिवक्ताओं ने सोशल मीडिया (Media) के जरिए मेवाड़ वागड़ हाई कोर्ट बेंच संघर्ष समिति की उदयपुर (Udaipur) में हाईकोर्ट बैंच की खंडपीठ स्थापना की मांग पर अपना समर्थन व्यक्त किया. इसके अलावा अधिवक्ताओं ने सोशल मीडिया (Media) और व्हाट्सएप ग्रुप पर भी इस मांग के प्रति अपना संकल्प दोहराया.

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बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष शर्मा ने बताया कि मंगलवार (Tuesday) को सभी अधिवक्ताओं को अपने घरों में सुरक्षित रहने तथा स्वस्थ रहने की सरकार (Government) की जारी एडवाइजरी का पालन करने के साथ हाई कोर्ट बेंच की मांग को अपना समर्थन व्यक्त करने बाबत संदेश प्रेषित किया गया था जिस पर सैकड़ों अधिवक्ताओं ने अपना बढ़-चढ़कर समर्थन व्यक्त किया.  शर्मा ने बताया कि आज पोस्ट की अधिवक्ताओं के श्रेष्ठ स्लोगन अथवा कविताओं में से चयनित स्लोगन अथवा कविता को लोक डाउन पश्चात पुरस्कृत कर उसे आगामी माह विज्ञापन के साथ सरकार (Government) को प्रेषित किया जाएगा.

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