कोरोना संक्रमण से बचाव में कारगर नहीं फेस शील्ड


नई दिल्ली (New Delhi) . फेस शील्ड कोविड-19 (Covid-19) संक्रमण से बचाव में कारगर नहीं हैं. ऐसे में इन्हें मास्क के विकल्प के रूप में कतई नहीं अपनाया जा सकता. स्विट्जरलैंड के अधिकारियों ने एल्प्स के एक रिजॉर्ट में सामने आए कोरोना संक्रमितों में वायरस के प्रसार की वजह खंगालने के बाद यह दावा किया है. शोधकर्ताओं ने पाया कि पोंतरेसीना स्थित रिजॉर्ट में जिन लोगों ने कोरोना को फैलने से रोकने के लिए फेस शील्ड पहनी थी, वे संक्रमण की जद में आ गए.

वहीं, जिन लोगों ने मास्क धारण कर रखा था, उनमें वायरस नहीं फैला. मास्क फेस शील्ड के बिना भी संक्रमण की रोकथाम में उतना ही कारगर मिला, जितना फेस शील्ड के साथ. बीते दिनों रिजॉर्ट में ठहरने आए एक व्यक्ति और दर्जनभर से अधिक कर्मचारियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी. रिसर्च दल से जुड़े यान हलमैन ने बताया कि फेस शील्ड आंख, नाक और मुंह को ढंकते जरूर हैं, लेकिन पूरी तरह से सुरक्षा कवच के रूप में काम नहीं करते.

दरअसल, इन्हें लगाने के बाद मुंह के नीचे का हिस्सा खुला रह जाता है, जिससे सार्स-कोव-2 वायरस से लैस एयरोसोल सांस लेने और बोलने के दौरान नाक-मुंह से निकलने वाली पानी की सूक्ष्म बूंदें हवा में प्रसारित हो सकते हैं या फिर धारक के शरीर में प्रवेश कर सकते हैं. हलमैन ने साफ किया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) डब्ल्यूएचओ भी फेस शील्ड को कोरोना से बचाव की गारंटी नहीं मानता. तभी तो उसने स्वास्थ्यकर्मियों, सैलून कर्मियों, होटल (Hotel) स्टाफ, आदि को फेस शील्ड पहनने के साथ अन्य एहतियाती उपायों पर भी सख्ती से अमल करने की सलाह दी है.

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