Wednesday , 28 October 2020

कोरोना: गंभीर मरीजों को भी नहीं मिल रहा इलाज, ICU में एक भी बिस्तर खाली नहीं

भोपाल (Bhopal) . राजधानी में कोरोना (Corona virus) के मरीज लगातार बढते जा रहे हैं. हालत ये है ‎कि कोविड अस्पतालों में गंभीर मरीजों को भी इलाज नहीं मिल पा रहा है. गुरुवार (Thursday) को कई मरीजों को ऑक्सीजन वाले बिस्तर भी नहीं मिल पाए. इतना ही नहीं साधारण बिस्तर भी 90 फीसद तक भर चुके हैं. इन अस्पतालों के आइसीयू में एक भी बिस्तर खाली नहीं हैं. वेंटिलेटर वाले बिस्तर तो 2 दिन पहले ही भर गए थे. हमीदिया और एलएन मेडिकल कॉलेज में कोरोना मरीजों के लिए साधारण बिस्तर नहीं बचे हैं. ऐसे में मरीजों को अपने खर्चे पर निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ रहा है.

गुरुवार (Thursday) को पॉजिटिव मिले 40 साल के पुरुषोत्तम को ऑक्सीजन वाले बिस्तर की जरूरत थी, लेकिन किसी अस्पताल में बिस्तर नहीं मिलने पर वह एक निजी अस्पताल में भर्ती हुए. इसी तरह से भोपाल (Bhopal) मेमोरियल हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) में दो गंभीर मरीज वेंटिलेटर पर हैं. कोविड अस्पतालों के आइसीयू में उन्हें बिस्तर नहीं मिला. ऐसे में अस्पताल प्रबंधन ने मजबूरी में उन्हें यहां रखा है. जेपी अस्पताल में पंजीयन का काम देख रहे हैं एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी श्याम नारायण दुबे गुरुवार (Thursday) को कोरोना से संक्रमित पाए गए. उन्हें सांस लेने में ज्यादा तकलीफ हो रही थी.

उन्होंने अपने ही अस्पताल के डॉक्टरों (Doctors) को दिखाया तो उन्होंने हमीदिया रेफर कर दिया. वहां काफी देर तक मिन्नत करते रहे कि यहां हमें ज्यादा सहूलियत होगी, लेकिन डॉक्टर (doctor) सुनने को तैयार नहीं थे. मरीज को वार्ड में देखने के लिए नहीं जाना पड़े. बाद में अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरके तिवारी के हस्तक्षेप के बाद मरीज को जेपी अस्पताल में ही भर्ती कर लिया गया. बता दें कि यहां 3 दिन पहले ही 20 बिस्तर का आइसीयू शुरू किया गया है. ईदगाह हिल्स स्थित टीबी अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए पांच बिस्तर का आइसीयू गुरुवार (Thursday) को तैयार कर लिया गया है. हमीदिया अस्पताल में आइसीयू के सभी बिस्तर भर गए हैं. अब यहां आने वाले गंभीर मरीजों को टीबी अस्पताल के आइसीयू में भर्ती कराया जाएगा.

टीबी अस्पताल में 95 बिस्तर समान्य मरीजों के लिए भी हैं. इनमें 35 मरीज भर्ती हैं. हमीदिया और एम्स के अलावा सरकार (Government) ने निजी अस्पताल एलएन मेडिकल कॉलेज और चिरायु मेडिकल कॉलेज से कोरोना मरीजों के निःशुल्क इलाज के लिए अनुबंध किया है. यहां इलाज का पूरा खर्च सरकार (Government) उठा रही है. अब मरीजों की संख्या बढने के बाद भी सरकार (Government) निशुल्क इलाज के लिए अन्य निजी अस्पतालों से अनुबंध नहीं कर रही है. अब निजी अस्पतालों को मरीज से पैसे लेकर इलाज की अनुमति देने की तैयारी है. इसके के लिए भोपाल (Bhopal) के 5 अस्पताल तैयार भी हो गए हैं.

पहले से सिर्फ बंसल अस्पताल पैसे लेकर इलाज देने की मंजूरी है. इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मो. सुलेमान और एम्स के डायरेक्टर डॉ.सरमन सिंह के बीच एम्स में गुरुवार (Thursday) को बैठक हुई. मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार (Government) की तरफ से एम्स को 15 वेंटिलेटर कोरोना मरीजों के इलाज के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे. इसके अलावा नेशनल हेल्थ मिशन की तरफ से पैरामेडिकल स्टाफ भी एम्स को दिया जाएगा. एम्स भोपाल (Bhopal) में कोरोना मरीजों के लिए बनाए गए आइसीयू में अभी सिर्फ 30 बिस्तर हैं. अब यहां कुल 100 बिस्तर किए जाएंगे.

Please share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *